*जरहाभाठा के सिंधी कॉलोनी स्थित दरबार में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम किया गया*

राजेन्द्र देवांगन
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जरहाभाठा के सिंधी कॉलोनी स्थित दरबार में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम किया गया

सवितर्क न्यूज, कमल दुसेजा

बिलासपुर : जरहाभाठा के सिंधी कॉलोनी स्थित दरबार में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम किया गया | मातृ देवो भव, पितृ देवो भव इस वैदिक संस्कृति का प्रचार करने और समाज में फैली ‘वैलेंटाईन डे’ जैसी कुरीति को दूर करने का संदेश देने हेतु संत श्री आशारामजी बापू की प्रेरणा से भारत सहित पूरे विश्व में प्रतिवर्ष 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया जा रहा है |

कार्यक्रम में बच्चों ने अपने माता-पिता कि विधिवत पूजा की, तिलक लगाकर आरती उतारी, उनकी परिक्रमा की | बच्चे अपने माता-पिता के गले लगे और ‘आज परम आनंद मिला, सच्चा सुख आज ही पाया है’ इस गीत पर माता-पिता का बच्चों के प्रति ऐसा स्नेह बरसा कि वहाँ उपस्थित सभी लोग भाव विभोर हो गए | लोगों ने प्रतिवर्ष 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने का संकल्प लिया |

कार्यक्रम का संचालन कर रहे संत श्री आशारामजी बापू आश्रम के साधक रवि भाई ने बताया कि समाज में वैलेंटाईन डे जैसी भयानक कुरीति से युवा वर्ग तबाही के रास्ते जा रहा था | विदेशों में वृद्धाश्रम कि संख्या बढ़ती जा रही है, लोग अपने बूढ़े माता-पिता का तिरस्कार कर देते हैं | यह गंदगी हमारे देश में न आए इसलिए लोगों को अपनी दिव्य भारतीय संस्कृति का अनुकरण करना चाहिए | हमारी संस्कृति हमें माता-पिता का आदर करना सिखाती है | अतः प्रतिवर्ष 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस कि शुरुआत संत श्री आशारामजी बापू ने की | यह कार्यक्रम शहर के अनेक स्थानों पर भव्य रूप से मनाया जा रहा है, जिसमें लोग बढ़ चढ़ कर शामिल हो रहे हैं |

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