कांग्रेस ने किए 36 में से 25 वायदे पूरे , वर्तमान में संपत्ति कर आधा करने की कोई योजना नहीं- डॉ शिव कुमार डहरिया

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया कपिल नगर सरकंडा में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम और मोपका में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह में शामिल होने बिलासपुर पहुंचे। इस दौरान छत्तीसगढ़ भवन में वे पत्रकारों से रूबरू हुए। मंत्री शिव कुमार डहरिया ने दावा किया कि चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा किए गए 36 वादों में से 25 वादे पूरे कर लिए गए हैं। शेष बचे 11 वायदे भी आगामी 3 सालों में पूरे कर लिए जाएंगे। हालांकि इनमें से अधिकांश मुख्य वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं, जिसे लेकर पत्रकारों ने कई सवाल किए , जिस पर मंत्री डहरिया कन्नी काटते नजर आए।
उन पर आरोप लगा कि बिलासपुर निगम के लिए मांगे गए फंड में भी कटौती की गई है, जिस पर उन्होंने गोलमोल सा जवाब दिया। बिलासपुर में 9 महीने से बंद पड़े सिटी बस सर्विस कब आरंभ होगी, इस सवाल को भी उन्होंने महापौर के पाले में डाल दिया। बिलासपुर नगर निगम में जुड़े नए क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर उन्होंने रटा रटाया सा जवाब दिया । इस क्षेत्रों में सुविधाएं न दिए जाने के कारण नगर निगम का टैक्स देने पर आपत्ति जताने के सवाल पर भी उन्होंने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने इस बात से भी साफ इनकार किया कि मिशन अमृत योजना के कार्य में किसी तरह की गड़बड़ी है। उन्होंने यह भी नहीं माना कि निगम से वेतन लेकर निगम के अधिकारियों का स्मार्ट सिटी के लिए कार्य करना अव्यावहारिक है। क्षेत्र विस्तार के बाद कर्मचारियों की कमी के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इसके लिए नई भर्ती की जा रही है। 60 नए पद सृजित किए गए हैं तो वहीं प्लेसमेंट के जरिए बिलासपुर में 300 लोगों की भर्ती होनी है। उन्होंने आगे कहा कि स्मार्ट सिटी और नगर निगम के कर्मचारी आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं। पुराने अरपा पुल को धरोहर की तरह सहेजे जाने के सवाल पर उन्होंने जानकारी नहीं होने का हवाला दिया। उनसे पूछा गया कि अक्सर कांग्रेस सरकार पर आरोप लगता है कि उसने अपना खजाना किसानों पर खाली कर दिया है जिसके कारण प्रदेश में विकास की संभावना ही खत्म हो गई । इसे भी मंत्री डहरिया ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि विकास के लिए किसी भी निगम में फंड की कोई कमी नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि प्रदेश सरकार पर राम विरोधी होने का आरोप लगता है तो उन्होंने उल्टे पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह पर ही सवाल खड़े कर दिए ।उन्होंने सवाल उठाया कि राम मंदिर के लिए चंदा मांगने के लिए किसे अधिकृत किया गया है।

हालांकि यह सार्वजनिक है कि अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के लिए तीर्थ क्षेत्र निधि समर्पण समिति का गठन किया गया है । असल में जिस तरह से कॉन्ग्रेस की सरकार ने अदालत में राम को काल्पनिक बताया था और राम मंदिर को लेकर भी कांग्रेस के नेता अदालतों में लंबी लड़ाई लड़ते रहे हैं उस कारण से कांग्रेस पर राम विरोधी होने का आरोप लगता रहा है, जिसके चलते मंत्री डहरिया ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वयं राम गमन पथ का निर्माण कर रही है ।यही कारण है कि उन पर दोहरे मापदंड का आरोप लग रहा है। प्रदेश सरकार स्वयं राम गमन पथ का निर्माण कार्य कर रही है तो वही केंद्र द्वारा राम मंदिर निर्माण का विरोध किया जा रहा है। एक तरफ विरोध एक तरफ समर्थन के सवाल पर वे जवाब देने से बचते नजर आए। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश सरकार से कहीं भी असंतोष नहीं है। प्रदेश की सरकार ने अब तक 92 मीट्रिक टन धान की खरीदी की है , वही उनके शासनकाल में पंजीकृत किसानों की संख्या 15 लाख से बढ़कर 21.5 लाख हो चुकी है। चुनाव घोषणा पत्र में कांग्रेस ने बिजली बिल के साथ संपत्ति कर हाफ करने का भी वादा किया था, जिससे अब सरकार मुकरती नजर आ रही है। मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि भाजपा ने जिन निकायों में संपत्ति कर बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था कांग्रेस सरकार ने उसे निरस्त कर दिया है, इसलिए वर्तमान में संपत्ति कर आधा होने की संभावना नहीं है, लेकिन सवालों से घिरता देख कर मंत्री ने कहा कि अभी 3 साल शेष है, मुमकिन है कि आगामी 3 सालों में यह वादा भी पूरा किया जाए। बिलासपुर पहुंचे नगरीय प्रशासन मंत्री डॉक्टर शिव डहरिया ने पत्रकार वार्ता जरूर ली,लेकिन यहां वे अधिकांश सवालों का जवाब देने से बचते नजर आए। शायद पत्रकारों के सवाल बेहद तीखे और चुभने वाले थे, इसलिए वे यहां असहज भी नजर आए। पत्रकार वार्ता के दौरान उनके साथ विधायक शैलेश पांडे, महापौर रामशरण यादव और विजय केशरवानी मौजूद थे।

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