उज्जवला महिला पुनर्वास गृह में जिस्मफरोशी का अवैध कारोबार चल रहा है

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
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बिलासपुर सवितर्क न्यूज, राकेश खरे

जब रक्षक ही भक्षक बन जाए और बाड़ ही फसल खाने लगे तो कोई क्या करें ? बेसहारा महिलाओं के पुनर्वास और उन्हें सुरक्षा देने के नाम पर जिस उज्जवला गृह में उन्हें रखा जाता है

आरोप है कि वहां उन्हें सुरक्षा देने की बजाय उनसे जबरन जिस्मफरोशी का कार्य कराया जा रहा है । इसका खुलासा रविवार को हुआ ।सरकंडा थाने से कुछ ही दूरी पर उज्जवला सुरक्षात्मक महिला पुनर्वास गृह में जिस्मफरोशी का अवैध कारोबार चल रहा है और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। हालांकि आसपास के लोगों का आरोप तो यह भी है कि यह सारा काम पुलिस संरक्षण में ही किया जा रहा है

आरोप लग रहा है कि सोनगंगा कॉलोनी में रहने वाला जितेंद्र मौर्य यहां दर्जनभर लड़कियों को एक तीन मंजिला मकान में रखकर जिस्मफरोशी का धंधा करा रहा है। इसकी भनक कुछ जागरूक युवाओं को लगी, जिसके बाद उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर सच्चाई जाना। इन्हें देखते ही यहां कैद लड़कियों के दिल का गुबार फूट पड़ा और उन्होंने रो-रोकर आपबीती बताई। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी न किसी तरीके से मजबूर कर उनकी अश्लील तस्वीरें के जरिए उन्हें ब्लैकमेल करते हुए उनसे जबरन यह घिनौना कार्य कराया जाता है। कहने को तो यहां जिस्मफरोशी होती है लेकिन असल में जितेंद्र मौर्य द्वारा हर रोज यहाँ आसरा लेने वाली लड़कियों का बलात्कार कराया जा रहा है। इन महिलाओं में एक गर्भवती महिला भी है। समाजसेवी युवकों ने इसकी जानकारी होने पर पुलिस को तुरंत इसकी सूचना दे दी , लेकिन आरोपी के खिलाफ कार्यवाही करने की जगह पुलिस उल्टे इन्हीं समाजसेवियों की ही धमकाने लगी । ऐसा लगा जैसे इन लोगों ने इस मामले को उजागर कर कोई गुनाह कर दिया हो। पुलिस उल्टे इन्हीं पर तरह-तरह के आरोप लगाकर उन्हें डराने लगी कि उनके खिलाफ भी मामला बन सकता है, जबकि इस मकान में कैद लड़कियां चीख चीख कर बता रही थी उनके साथ कौन अत्याचार कर रहा है। बाद में यहां भीड़ जुटने के बाद सरकंडा पुलिस पीड़ित युवतियों को लेकर थाने पहुंची है। बताया जा रहा है कि पीड़ित महिलाओं के साथ जाने की बजाय थानेदार अभी भी उसी इलाके में डटे हुए हैं। महिला पुनर्वास के नाम पर बेसहारा महिलाओं के साथ किस तरह का अत्याचार और दुष्कर्म यहां किया जा रहा है यह कुछ जागरूक लोगों की वजह से उजागर हुआ है। महिलाओं ने बताया कि यहां उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर उनकी अश्लील तस्वीरें उतार ली जाती है। जिसके बिना पर उन्हें ब्लैकमेल करते हुए उनसे जबरन जिस्मफरोशी का काम कराया जाता है। चूंकि इस धंधे में बड़े-बड़े और ताकतवर लोग शामिल है इसलिए यह सब कुछ दबा छुपा रहा। हालांकि आसपास के लोग इससे वाकिफ थे लेकिन किसी ने भी माफिया से पंगा लेने की कोशिश नहीं की। मगर बिलासपुर शहर के कुछ जागरूक युवाओं को जब इस बात की जानकारी हुई तो वे मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया, जिनका आरोप है कि अब भी इस मामले में लीपापोती की कोशिश की जा रही है ताकि पूरे मामले को रफा-दफा करते हुए जितेंद्र मौर्य जैसे सफेदपोश लोगों को क्लीन चिट दिया जा सके।

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