“सुकमा में CRPF डॉग घायल, आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आया गश्त के दौरान”

राजेन्द्र देवांगन
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सुकमा में नक्सलियों की साजिश नाकाम: सीआरपीएफ के ट्रैकर डॉग ने जवानों की बचाई जान

सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक प्रशिक्षित ट्रैकर डॉग आईईडी विस्फोट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे छीनगेलुर गांव के पास हुई, जब सीआरपीएफ की 229वीं बटालियन की ‘अल्फा’ कंपनी गश्त पर थी।

आईईडी विस्फोट में घायल हुआ ट्रैकर डॉग
गश्ती दल के साथ गए तीन वर्षीय बेल्जियन शेफर्ड नस्ल के ट्रैकर डॉग ‘एंड्रो’ ने आईईडी की उपस्थिति का संकेत दिया, जिससे जवान सतर्क हो गए। हालांकि, इस दौरान विस्फोट हो गया, जिसमें एंड्रो गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके दाहिने पैर में फ्रैक्चर आया है, लेकिन राहत की बात यह है कि उसकी जान बच गई। फिलहाल, उसे बीजापुर जिले के एक अस्पताल में भर्ती कराकर आवश्यक चिकित्सा दी जा रही है।

सीआरपीएफ के ट्रेंड डॉग्स निभा रहे अहम भूमिका
गौरतलब है कि सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में आईईडी और बूबी ट्रैप का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित कुत्तों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। ये डॉग्स विस्फोटकों को सूंघकर पहले ही सतर्क कर देते हैं, जिससे जवान समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकते हैं।

बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान तेज
पूरे बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा नक्सलियों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बीते दिनों में कई नक्सली ठिकानों का पर्दाफाश किया गया है और कई संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया गया है।

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सीआरपीएफ के प्रशिक्षित डॉग्स सुरक्षा बलों के लिए कितने उपयोगी साबित हो रहे हैं। एंड्रो की सतर्कता के चलते कई जवानों की जान बच सकी।

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