रायपुर के पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी से गायब छात्रा का 20 दिनों से नहीं मिला सुराग, परिजनों और विधायक ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
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रायपुर के पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल से 25 वर्षीय छात्रा हेमलता वर्मा के लापता होने का मामला गहराता जा रहा है। डोंगरगढ़ की रहने वाली एमएससी फाइनल ईयर की यह छात्रा पिछले 20 दिनों से गायब है। पुलिस, परिजन और स्थानीय विधायक हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक छात्रा का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

घटना का विवरण

हेमलता वर्मा, जो पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी, 7 दिसंबर को अपने परिवार से आखिरी बार संपर्क में आई थी। इसके बाद, तीन दिनों तक कोई बात नहीं होने पर उनके पिता भोजराम वर्मा हॉस्टल पहुंचे। वहां हॉस्टल स्टाफ ने बताया कि हेमलता अपनी मां की तबीयत खराब होने की बात कहकर चली गई थी।

जब उनके कमरे की जांच की गई तो ताला लगा मिला। कमरे के अंदर से हेमलता का चश्मा और मोबाइल फोन मिला, लेकिन फोन पूरी तरह फॉर्मेट किया हुआ था। इससे पुलिस को कोई भी डिजिटल सुराग नहीं मिल पाया।

CCTV और सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल

यूनिवर्सिटी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब होने के कारण पुलिस को यह पता लगाने में दिक्कत हो रही है कि हेमलता हॉस्टल से बाहर कब और किस रास्ते से निकली। परिजनों और स्थानीय विधायक हर्षिता बघेल ने इस लापरवाही पर कड़ी आपत्ति जताई है और हॉस्टल प्रबंधन पर सुरक्षा में चूक का आरोप लगाया है।

पुलिस जांच की स्थिति

पुलिस ने हेमलता के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाली हैं, जिससे पता चला कि गायब होने से पहले वह कुछ लोगों के संपर्क में थी। इनमें उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी एक युवक से उसकी अंतिम बातचीत हुई थी। युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

यूनिवर्सिटी के जंगल और बिल्डिंगों की पानी की टंकियों तक की तलाशी ली गई है। इसके बावजूद, 20 दिनों के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

विधायक और परिजनों का प्रदर्शन

डोंगरगढ़ की विधायक हर्षिता बघेल ने इस मामले में पुलिस और हॉस्टल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने परिजनों के साथ सरस्वती नगर थाने के बाहर धरना दिया और हॉस्टल वार्डन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

पुलिस का बयान

आजाद चौक के सीएसपी अमन झा ने बताया कि पुलिस अब तक मिले सभी सुरागों को फिर से बारीकी से खंगाल रही है। युवती के मोबाइल और अन्य तकनीकी डिवाइस से नई जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।

सुरक्षा और जिम्मेदारी पर उठे सवाल

यह घटना विश्वविद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। परिजन और स्थानीय प्रशासन ने यूनिवर्सिटी कैंपस में बेहतर सुरक्षा इंतजाम और जिम्मेदार प्रबंधन की मांग की है।

पुलिस और प्रशासन ने इस मामले को प्राथमिकता से सुलझाने का आश्वासन दिया है, लेकिन छात्रा का अब तक कोई सुराग न मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है।

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