33 साल बाद मिली जवानों की लूटी हुई बंदूकें: अबूझमाड़ मुठभेड़ में फोर्स की बड़ी कामयाबी

राजेन्द्र देवांगन
2 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

33 साल बाद जवानों से लूटी गई 2 राइफल्स बरामद: अबूझमाड़ मुठभेड़ में पुलिस ने किया खुलासा

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में 12 दिसंबर 2024 को हुई मुठभेड़ में पुलिस ने 2 303 राइफल्स बरामद की हैं, जो 33 साल पहले, 1991 में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में माओवादियों द्वारा जवानों से लूटी गई थीं। इस हमले में 10 जवान शहीद हो गए थे और 12 से ज्यादा जवान घायल हुए थे।

1991 में गढ़चिरौली में हुआ था हमला
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के तुमारगुंडा में 1991 में माओवादियों ने लैंडमाइंस विस्फोट के बाद जवानों को एंबुश में फंसा लिया था और ताबड़तोड़ गोलीबारी की थी। इस हमले में 18 राइफल्स लूटी गई थीं, जिनमें से 2 राइफल्स अब तक बरामद की गई हैं।

अबूझमाड़ मुठभेड़ में पुलिस की बड़ी सफलता
12 दिसंबर 2024 को अबूझमाड़ के कालाहाजा इलाके में पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस ने 7 नक्सलियों को मार गिराया, जिनमें से एक पर 25 लाख रुपये का इनाम था। मौके से 303 राइफल्स समेत अन्य हथियार भी बरामद किए गए थे। इनमें से एक राइफल 1991 में लूटी गई थी, जिसकी पहचान बॉडी नंबर 440 और बट नंबर 22676 से की गई।

नाबालिगों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया
मुठभेड़ में 4 नाबालिगों के घायल होने की खबर भी आई है, जिनमें एक बच्ची की गर्दन में गोली फंसी थी। पुलिस का दावा है कि नक्सलियों ने बड़े नेताओं को बचाने के लिए इन नाबालिगों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था। घायल बच्चों का इलाज रायपुर के DKS अस्पताल में चल रहा है।

मुख्य नक्सली भी मारा गया
इस मुठभेड़ में 25 लाख रुपये का इनामी नक्सली कार्तिक भी मारा गया था। पुलिस ने कहा कि अब वे बाकी बरामद हथियारों की पहचान करने में जुटे हैं और इस मुठभेड़ को बड़ी सफलता मानते हैं।

Share This Article