रायगढ़ के संबलपुरी बस्ती में घुसा हाथी,

राजेन्द्र देवांगन
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देर रात खलियान में पहुंचकर 7 बोरी धान खाया, जिले में 119 हाथी कर रहे विचरण

ओड़िसा की ओर से संबलपुरी बस्ती तक पहुंचा हाथीछत्तीसगढ़ के रायगढ़ रायगढ़ वन मंडल में शुक्रवार की रात एक हाथी संबलपुरी बस्ती में पहुंच गया। इस हाथी ने किसान के खलियान में रखा 3 बोरी धान सफाचट कर दिया। जिसका वीडियो भी आज सामने आया है। जिसमें बड़े ही मजे से हाथी धान खाता नजर रहा है।.ओडिशा की सीमा को पार कर हाथी जामंगा कुकुर्दा होते हुए संबलपुरी बस्ती में पहुंचा था। गांव में रहने वाले शिव कुमार राठिया के खलियान में धान की बोरिया रखी हुई थी। जिसमें से 3 बोरी धान को उसने खा लिया।

इसके अलावा गांव के रामभगत के 4 बोरी धान को हाथी ने खाया।हाथी के मौजूदगी की जानकारी जब ग्रामीणों को लगी, तो उन्होंने मामले की सूचना वन अमला को दी। जिसके बाद वनकर्मी भी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों ने किसी भी प्रकार से उसके साथ छेड़छाड़ करने मना कर दिया गया। रात में करीब साढ़े 10 बजे हाथी यहां से धान खा कर जंगल के रास्ते वह जुनवानी की ओर चले गया।ग्रामीण के खलियान में रखे धान बोरा को हाथी ने खींचा और खा गया धानइंदिरा आवास मकान को किया क्षतिग्रस्त हाथी जुनवानी गांव में उरांव बस्ती की ओर पहुंचा।

जहां उसने तरसिला टोप्पो के द्वारा बनवाए जा रहे इंदिरा आवास मकान के एक दीवार को उसने क्षतिग्रस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि मकान के दीवार की जोड़ाई शुक्रवार को की गई थी। फिलहाल हाथी द्वारा किए गए नुकसान का आकलन संबंधित परिसर रक्षकों के द्वारा की जा रही है। ताकि मुआवजा की प्रक्रिया पूरी की जा सके।हाथी पर रख रहे नजर बंगुरसिया पश्चिम सर्किल प्रभारी ऋषिकेश्वर सिदार ने बताया कि संबलपुरी में हाथी ने शिव कुमार व रामभगत के धान को खाया।

वहां से निकलकर वह अग्रसेन बाड़ी में पहुंच गया। इसके बाद वह जुनवानी की ओर चले गया और यहां निर्माणाधीन मकान के दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया। उस पर लगातार नजर रखी जा रही है। धान खाने के लिए वह पहुंचा था और धान खाकर वापस जंगल की ओर चले गया।जिले के जंगल में 119 हाथी बताया जा रहा है कि जिले में 119 हाथी हैं और इसमें शनिवार को रायगढ़ वन मंडल के जुनवानी में 1 व चारमार में 3 हाथी विचरण कर रहे हैं, तो धरमजयगढ़ वन मंडल में तकरीबन 115 हाथी अलग अलग रेंज में विचरण कर रहे हैं। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए विभाग द्वारा प्रभावित गांव में मुनादी भी कराई जा रही है।

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