Wednesday, November 30, 2022

रेंजर पर गिरी विभागीय गाज,निलंबित, मामले की जांच है जारी

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रेंजर पर गिरी विभागीय गाज,निलंबित, मामले की जांच है जारी

मुंगेली। वन विभाग में पदस्थ रेंजर सीआर नेताम को सीबीआई का डर दिखाकर 1.40 करोड़ वसूलने के मामले की जांच जारी है इधर शासन ने रेंजर नेताम को निलंबित कर दिया है।

बिलासपुर डीएफओ ने उनके 4 साल के कार्यकाल की जांच कराने के लिए एक पत्र शासन को भेजा है

इसके अलावा एक और उच्च स्तरीय जांच भी होगी कारण यह है कि रेंजर नेताम कुछ साल पहले तक बिलासपुर वन मंडल के रतनपुर में पदस्थ थे

गौरतलब है कि मुंगेली के वन विभाग में पदस्थ रेंजर सीआर नेताम को कथित पत्रकार परमवीर मरहास, वर्षा तिवारी और सरताज अली ने षड्यंत्र करते हुए साल 2019 में ही रेंजर से 1 करोड़ रुपए वसूल लिए थे

आरोपियों ने उन्हें धमकाया था कि सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लेगी जिससे उनके बच्चों की कहीं नौकरी नहीं लगेगी सामाजिक बदनामी के डर से उन्होंने पैसे दे दिये थे इसके बाद आरोपियों ने यह कह दिया था कि उनके द्वारा किए गए शासकीय राशि में गबन की फाइल सीबीआई ने जला दिया है

इस पर रेंजर ने भी राहत की सांस ली थी लेकिन लॉक डाउन के दौरान जून 2020 में दोबारा उनके पास एक लड़की ने फोन किया और खुद को मंत्रालय कर्मचारी बताते हुए धमकी दी थी कि उनके भ्रष्टाचार की फाइल मंत्रालय तक पहुंच चुकी है

इस मामले में दोबारा सेटलमेंट कराने के लिए सरताज अली के जरिए रेंजर नेताम वापस परमवीर के पास पहुंचे जहां दोबारा 1 करोड़ की मांग होने लगी तब भी रेंजर नेताम द्वारा 20 लाख रुपए दे दिए गए। बताया यह जा रहा है कि रेंजर नेताम ने ठेकेदार को बिना सप्लाई करे ही चेक दे दिया था

उसने कितने रकम का चेक दिया था वह बातें अभी सामने नहीं आई है बता दें कि नेताओं बिलासपुर मंडल के रतनपुर रेंज में रेंजर रहे हैं वह वहां 4 साल तक पदस्थ थे इसके बाद उनका तबादला रतनपुर से मुंगेली हुआ था

इसी को देखते हुए बिलासपुर डीएफओ कुमार निशांत ने जांच करते हुए एक रिपोर्ट शासन को भेजी थी जिसके बाद रेंजर को निलंबित कर दिया गया है इसके अलावा एक अलग से उच्चस्तरीय जांच भी होगी।

शासकीय राशि के गबन का हवाला दे कर दी थी धमकी

आरोपी सिर्फ शासकीय राशि के गबन की धमकी देकर है रेंजर से रकम वसूलते रहे कभी यह नहीं बताया कि किस्मत की रकम का घोटाला हुआ है

और कितनी राशि गबन की गई है उन्हें सामाजिक बदनामी और नौकरी जाने का डर दिखाकर पैसे वसूले जाते रहे शासन को रिपोर्ट भेजी गई

रेंजर को निलंबित कर दिया गया रतनपुर रेंज में सियार नेताओं के पद पर पदस्थ रहे यह यहां 4 साल तक पदस्थ थे मेरे द्वारा जांच की गई थी और एक रिपोर्ट शासन को भेजी गई जिस पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है

इसके अलावा एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी भी गठित की गई है।

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रेंजर पर गिरी विभागीय गाज,निलंबित, मामले की जांच है जारी

मुंगेली। वन विभाग में पदस्थ रेंजर सीआर नेताम को सीबीआई का डर दिखाकर 1.40 करोड़ वसूलने के मामले की जांच जारी है इधर शासन ने रेंजर नेताम को निलंबित कर दिया है।

बिलासपुर डीएफओ ने उनके 4 साल के कार्यकाल की जांच कराने के लिए एक पत्र शासन को भेजा है

इसके अलावा एक और उच्च स्तरीय जांच भी होगी कारण यह है कि रेंजर नेताम कुछ साल पहले तक बिलासपुर वन मंडल के रतनपुर में पदस्थ थे

गौरतलब है कि मुंगेली के वन विभाग में पदस्थ रेंजर सीआर नेताम को कथित पत्रकार परमवीर मरहास, वर्षा तिवारी और सरताज अली ने षड्यंत्र करते हुए साल 2019 में ही रेंजर से 1 करोड़ रुपए वसूल लिए थे

आरोपियों ने उन्हें धमकाया था कि सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लेगी जिससे उनके बच्चों की कहीं नौकरी नहीं लगेगी सामाजिक बदनामी के डर से उन्होंने पैसे दे दिये थे इसके बाद आरोपियों ने यह कह दिया था कि उनके द्वारा किए गए शासकीय राशि में गबन की फाइल सीबीआई ने जला दिया है

इस पर रेंजर ने भी राहत की सांस ली थी लेकिन लॉक डाउन के दौरान जून 2020 में दोबारा उनके पास एक लड़की ने फोन किया और खुद को मंत्रालय कर्मचारी बताते हुए धमकी दी थी कि उनके भ्रष्टाचार की फाइल मंत्रालय तक पहुंच चुकी है

इस मामले में दोबारा सेटलमेंट कराने के लिए सरताज अली के जरिए रेंजर नेताम वापस परमवीर के पास पहुंचे जहां दोबारा 1 करोड़ की मांग होने लगी तब भी रेंजर नेताम द्वारा 20 लाख रुपए दे दिए गए। बताया यह जा रहा है कि रेंजर नेताम ने ठेकेदार को बिना सप्लाई करे ही चेक दे दिया था

उसने कितने रकम का चेक दिया था वह बातें अभी सामने नहीं आई है बता दें कि नेताओं बिलासपुर मंडल के रतनपुर रेंज में रेंजर रहे हैं वह वहां 4 साल तक पदस्थ थे इसके बाद उनका तबादला रतनपुर से मुंगेली हुआ था

इसी को देखते हुए बिलासपुर डीएफओ कुमार निशांत ने जांच करते हुए एक रिपोर्ट शासन को भेजी थी जिसके बाद रेंजर को निलंबित कर दिया गया है इसके अलावा एक अलग से उच्चस्तरीय जांच भी होगी।

शासकीय राशि के गबन का हवाला दे कर दी थी धमकी

आरोपी सिर्फ शासकीय राशि के गबन की धमकी देकर है रेंजर से रकम वसूलते रहे कभी यह नहीं बताया कि किस्मत की रकम का घोटाला हुआ है

और कितनी राशि गबन की गई है उन्हें सामाजिक बदनामी और नौकरी जाने का डर दिखाकर पैसे वसूले जाते रहे शासन को रिपोर्ट भेजी गई

रेंजर को निलंबित कर दिया गया रतनपुर रेंज में सियार नेताओं के पद पर पदस्थ रहे यह यहां 4 साल तक पदस्थ थे मेरे द्वारा जांच की गई थी और एक रिपोर्ट शासन को भेजी गई जिस पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है

इसके अलावा एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी भी गठित की गई है।