छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का अंत निकट, 3 राज्यों की पुलिस ने इस बेस कैंप पर डाला डेरा, चक्रव्यूह में ऐसे फंसेंगे नक्सली?

राजेन्द्र देवांगन
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छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान अंतिम चरण में हैं. लगातार नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सली सरेंडर कर रहे हैं अथवा मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय के सहयोग से नक्सल विरोधी इलाकों में लगातार कैंपिंग कर रहे सुरक्षाकर्मी अब नक्सलियों के खिलाफ आखिरी लड़ाई के मूड है. इसलिए नक्सल प्रभावित राज्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलियों के मुरकुडडोह बेस कैंप ने पेट्रोलिंग कर रही हैं.

मुरकुडडोह बेस कैंप में तीन राज्यों की पुलिस एक साथ पेट्रोलिंग करती है. इस बेस कैंप में नक्सल प्रभावित राज्यों में शामिल महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की फोर्स एक साथ कैंपिंग करती है, इसमें महाराष्ट्र की C-16, मध्य प्रदेश की हाफ फोर्स और छत्तीसगढ़ की डीआरजी फोर्स रहती है.

महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के घने जंगल में स्थित मुरकुडडोह बेस कैम्प  महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के जंगल में स्थित मुरकुडडोह बेस कैम्प घने जंगल के बीच है और तीनों राज्यों की सीमा यहां से जुड़ी हुई है. अब यहां नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस द्वारा लगातार अभियान चला रही है, जहां से नक्सली घटना को अंजाम देने के बाद फरार होने में कामयाब हो जाते हैं.

मुरकुडडोह बैस कैंप के जरिए दूसरे राज्यों में घुस जाते थे नक्सली

रिपोर्ट के मुताबिक नक्सली महाराष्ट्र में घटना को अंजाम देने के बाद मुरकुडडोह बैस कैंप के जरिए छत्तीसगढ़ की सीमा में घुस जाते थे और छत्तीसगढ़ में घटना को अंजाम देने के बाद नक्सली महाराष्ट्र की सीमा में घुस जाते थे, जिससे पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.

एक राज्य से दूसरे राज्य में घुसने वाले नक्सलियों की धरपकड़ के लिए तीनों राज्यों की पुलिस ने मुरकुडडोह बेस कैंप बनाया है, ताकि तीनों राज्यों को नक्सल विरोधी अभियान चलाने के लिए को-ऑर्डिनेट करने में दिक्कत का सामना न करना पड़े. तीनों राज्य की पुलिस एक साथ यहां रहकर नक्सल विरोधी अभियान चलाती हैं.
देश का ऐसा बेस कैंप, जहां तीन राज्य की फोर्स एक साथ रहती है

मुरकुडडोह बेस कैम्प देश का ऐसा बेस कैंप है, जहां तीन राज्य की फोर्स एक साथ रहती है और एक साथ रणनीति तैयार कर नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाती है और सर्चिंग करती है. तीनों राज्यों की फोर्स एक साथ रहकर नक्सल विरोधी अभियान चला रही है और नक्सली बैक फुट पर नजर आ रहे हैं.

तीनों राज्यों की पुलिस को अलग-अलग अभियान चलाने में दिक्कत आती थी गौरतलब है तीनों राज्यों की पुलिस को अलग-अलग अभियान चलाने में दिक्कत आती थी. बॉर्डर का फायदा उठाकर नक्सली एक राज्य में घटना को अंजाम देकर दूसरे राज्य में चले जाते थे. पहले फोर्स को दूसरे राज्य में सर्च ऑपरेशन के लिए अनुमति लेनी पड़ती थी, जिससे नक्सली रफूचक्कर हो जाते थे.

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