नेहरू युवा केन्द्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने रवाना हुए आदिवासी नवयुवक-युवती- बाहरी संस्कृति और विकास से रूबरू कराने का सुनहरा मौका

राजेन्द्र देवांगन
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सुकमा जिले में नक्सल प्रभावित इलाकों के आदिवासी युवाओं और युवतियों को बाहरी संस्कृति और विकास कार्यों से परिचित कराने के लिए 16वें ट्राइबल यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत मुंबई भेजा गया। यह कार्यक्रम सीआरपीएफ की 2वीं वाहिनी के सौजन्य और नेहरू युवा केंद्र, जगदलपुर के सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को देश के प्रगतिशील और विकसित क्षेत्रों की गतिविधियों और वहां के विकास कार्यों को नजदीक से दिखाना है, ताकि वे अपने क्षेत्र में विकास की नई सोच ला सकें। 12 से 18 दिसंबर 2024 तक चलने वाले इस कार्यक्रम में सुकमा के जगरगुंडा, चिंतलनार, कुकानार, पोलमपल्ली, द्रोनापाल, और केरलापाल जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों से 21 युवक और 9 युवतियों को मुंबई भेजा गया है। युवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए सीआरपीएफ की 2वीं बटालियन के उप कमांडेंट भास्कर भट्टाचार्य ने उन्हें इस अवसर का लाभ उठाने और मुंबई की संस्कृति, विकास और वहां के विभिन्न कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे वहां की सीख और अनुभव को अपने गांवों में साझा करें और विकास की प्रेरणा बनें।

कार्यक्रम के दौरान सीआरपीएफ के पुरुष और महिला जवान भी युवाओं के मार्गदर्शन के लिए उनके साथ गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज कुमार और बटालियन के अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

भास्कर भट्टाचार्य ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना, उन्हें नई सोच और प्रगतिशील दृष्टिकोण से अवगत कराना है, ताकि वे अपने समुदायों के लिए प्रेरणा बन सकें और सामाजिक विकास में योगदान कर सकें।

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