बिलासपुर में अवैध प्लॉटिंग पर चला निगम का बुलडोजर: न खसरा बी-1 का पता, न ही परमिशन, अरपा विकास प्राधिकरण एरिया में किया था कब्जा

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर के कोनी वार्ड में गुड़ाखू फैक्ट्री के सामने अवैध प्लॉटिंग पर सोमवार को निगम ने बुलडोजर कार्रवाई की। नगर निगम के बिल्डिंग ऑफिसर सुरेश शर्मा ने बताया कि कोनी में महाल नंबर 2 के अंतर्गत खसरा नंबर 191 बटे 1, 2 , 3 और 4 की करीब एक एकड़ भूमि पर अवैध प्लाटिंग करने की लगातार शिकायतें मिल रही थी। इस मामले में भूस्वामी लक्ष्मेंद्र कुमार, करन कुमार और कन्हैया लाल को नोटिस जारी किया गया था।

निगम की जांच में पता चला कि भू-स्वामियों के पास न तो जमीन का खसरा बी 1 है और न ही उ‌न्होंने किसी भी प्रकार की अनुमति ली है। बिना डायवर्सन अवैध प्लाट काट काट कर बेचने की शिकायत मिलने पर निगम अमले ने आज सुबह अवैध प्लॉटिंग के लिए बनाई गई बाउंड्री ढहा दी और कच्ची सड़क को उखाड़ दिया।

अरपा प्राधिकरण के प्लानिंग एरिया में अवैध निर्माण

दरअसल, अवैध प्लाटिंग अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के प्लानिंग एरिया में की जा रही थी। दोमुंहानी से लेकर लमेर गांव तक नदी के दोनों ओर 200-200 मीटर का एरिया प्राधिकरण के अंतर्गत आता है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण के लिए प्राधिकरण से अनुमति लेनी होती है। भू-स्वामी ने न तो विधिवत अनुमति ली और न ही कॉलोनाइजर लाइसेंस लिया।

6 टुकड़ों में बांट कर अवैध प्लॉटिंग कर रहे थे

नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश पर भू-स्वामियों नोटिस जारी कर 15 दिनों में अवैध निर्माण हटाने कहा गया था। इस अवधि में भूस्वामी न तो भूमि के वैध दस्तावेज पेश कर सके और न ही अवैध निर्माण हटाया, जिस पर निगम अमले ने सोमवार को बुलडोजर कार्रवाई की। निगम अफसरों ने पाया कि मौके पर भू-स्वामियों द्वारा भूमि को 6 टुकड़ों में बांटकर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी।

निगम की कार्रवाई में तहसीलदार नेहा विश्वकर्मा, भवन अधिकारी सुरेश शर्मा, अरपा प्राधिकरण के वरिष्ठ योजनाकार मयूर गेमनानी, जोन कमिश्नर भूपेंद्र उपाध्याय, सब इंजीनियर शशि वारे, जुगल किशोर सिंह आदि शामिल थे।

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