नपुंसकता छुपाकर कर दिया शादी, दहेज उत्पीड़न मानसिक शारीरिक उत्पीड़न का आरोप, नवविवाहिता ने की शिकायत, ससुराल वालों पर कार्रवाई अधूरी

राजेन्द्र देवांगन
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दुर्ग -छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नवविवाहिता ने अपने पति और ससुराल वालों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके साथ धोखाधड़ी कर शादी की गई है। वही शादी के बाद मानसिक, शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हुए, दहेज के लिए भी प्रताड़ित किया जा रहा है।
उक्त मामले में पीड़िता ने महिला थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई है, किंतु उसका कहना है कि पुलिस ने केवल पति पर कार्रवाई की है, जबकि अन्य प्रताड़ित करने वाले ससुराल पक्ष पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की गई है।

दरअसल दुर्ग जिले की एक महिला ने महिला थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया है कि बीते 24 अप्रैल 2024 को हिंदू रीति-रिवाज से ग्राम – उमदा, निवासी – मोरारी राधारमन से हुआ।

शादी के दूसरे दिन ही ससुराल में सबका रूखा व्यवहार रहा, जिस पर ससुर , सास – सास और जेठानी के द्वारा खरी खोटी सुनाते हुए, दहेज के समान में कमी बता कर, ताना मारने लगे और उसके द्वारा लाए गए दहेज की तुलना जेठानी के दहेज से करने लगे तथा कमी बताने लगे।

शादी के बाद साथ रहने के दौरान, कुछ दिनों बाद पीड़िता को पता चला कि पति  मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं।
साथ ही बात – बात पर तेज गुस्सा करना व शक करना शुरू कर दिया। 

।वही पति द्वारा शारीरिक संबंध बनाने में असक्षम होने की जानकारी होने पर, पति व पत्नी दोनों का चिकित्सकीय जांच हुआ। जिस  पर  डॉक्टर द्वारा पति कि शारीरिक कमजोरी (नपुंसकता) बताया गया।  जिसकी जानकारी पीड़िता द्वारा सास –  को देने के बाद ससुर ने पीड़िता से आपत्ति जनक बाते पूछा।
साथ ही अभद्र व्यवहार करते हुए कहा – मां कौन होती है, वो घर की मुखिया है क्या ? जिसको बताई हो, जो भी बात है मुझे बोलो और मैं इलाज करूंगा, डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता नही है।

लोग दूर – दूर से मेरे पास जड़ी बूटी लेने आते हैं, जिसके बाद सास  और नन्द ने यह कहते हुए की तेरे को घर का काम आता नहीं, दहेज भी नहीं लाई और हमारे बेटे पर लांछन लगा रही है, मारपीट की।

उसके बाद पति मोरारी ने पीड़िता को मायके में छोड़ दिया और वापस ससुराल लाने से मना कर दिया। वही पीड़िता ने आगे बताया कि ननंद’ सास – और पति  ने पीड़िता व उसके परिजनों से 3 लाख देने के बदले, वापस ससुराल ले जाने की बात कही। 

जिस पर लाचार बेबस, पीड़िता के परिजन, बेटी के घर बचाने, बमुश्किल कही से भी 3 लाख रु. व्यवस्था कर, ससुराल पक्ष को दिया गया।

बावजूद इसके भी ससुराल पक्ष द्वारा किसी न किसी बात को लेकर मारपीट, गाली गलौज जैसे अनेक हथकंडे अपनाते हुए, प्रताड़ना का दौर बदस्तूर जारी रहा।

हद तो तब हो गई, जब पति  द्वारा अपने भाइयों के भड़कावे में आकर, पीड़िता को गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई।

उक्त मामले की शिकायत पीड़िता पुलिस को करना चाह रही थी, जिसकी भनक लगने पर देवरानी – जेठानी द्वारा हाथ पकड़ कर खींचते हुए, कमरे अंदर धक्का दे दिया गया, जहां उसके बालों को खींचकर, लात मुक्के से मारपीट कर, कमरे में बंद कर दिया गया।

साथ ही सास, ससुर, ननंद, जेठ, पति द्वारा पीड़िता को धमकाते हुए यह चेतावनी भी दी गई कि किसी को भी इस मामले की जानकारी देगी तो तेरे परिवार वालों को जान से मार देंगे।

परिवार की सलामती को देखते हुए, पीड़िता ने कुछ नही कहा तथा कुछ दिनों बाद पति के दबाव में आकर, उसके साथ झारखंड चली गई । वहां पति अपने दोस्त से बात कर, दोनो पति पत्नी की नौकरी रामचंद्र चंद्रवंशी यूनिवर्सिटी के फॉर्मेसी डिपार्टमेंट में लगवाया।

झारखंड में रहने के दौरान भी पति द्वारा प्रताड़ित करने पर पीड़िता ने जब ससुराल वालों को कॉल किया तो उसने उनका नम्बर ब्लॉक कर दिया।

कुछ दिन पति के साथ रहने के दौरान पीड़िता को पता चला कि पति मोरारी राधारमन शादी नही करना चाहते थे, घर वालो के दबाव में दहेज के लिए शादी करना पड़ा । उसका संबंध किसी अन्य स्त्री से है, जिसका नाम उसने अपने हाथ में लिखावाया है और शादी से पूर्व उस लड़की के लिए ढेर सारी दवाइयां खा कर एम्स रायपुर में भर्ती रहे तथा अपने सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में ब्लेड भी चलाया है। 

कुछ दिनों बाद जब पीड़िता पति के साथ छत्तीसगढ़ आई तो ससुराल वालों के कहने पर पति ने पीड़िता को अपने साथ ससुराल ले जाने से मना कर दिया और आधे रास्ते में छोड़ कर चले गया। जिसकी जानकारी होने पर पीड़िता के घर वालो ने पीड़िता को आधे रास्ते से घर लाया, जब पीड़िता घर आई उसके शरीर पे चोट के निशान ओर चेहरे पर नाखूनों के निशान देखे तो, परिजनों ने शिकायत करने की बात कही। जिस पर पीड़िता अपने नजदीकी थाना उरला में इसकी जानकारी दी और उनके सलाह से महिला थाना रायपुर में मामले की पूरी जानकारी दी गई।

जिस पर काउंसिलिंग के बाद पति पर FIR दर्ज तो हुआ पर ससुराल वालों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है । जिस पर 24 सितंबर 2024 को पति के द्वारा रायपुर कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल किया। जिसको कोर्ट ने 482 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता अस्वीकार कर निरस्त किया पर अभी भी आरोपी की गिरफ्तारी नही हुआ है और पीड़िता को केस वापस लेने दबाव बनाते हुए, बार – बार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। 

वही ससुराल पक्ष द्वारा अपनी गलतियों को छुपाने पीड़िता को सोशल मीडिया के माध्यम से भी बदनाम किया जा रहा है। जिसमे पीड़िता को उसके समाज के लोगों के बीच चरित्रहीन बताते हुए भ्रामक प्रचार प्रसार किया जा रहा है।  जिसकी भी शिकायत पीड़िता ने उरला थाना में किया है, अभी पूरे मामले को प्रकरण में रखा गया है, जिसके कारण पीड़िता को न्याय मिलने में देरी हो रही है।

अब पीड़िता ने महिला आयोग और अन्य संगठनों से न्याय की गुहार लगाई है।

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