पत्रकार पर भड़के मंत्री,.! झोला छाप डॉक्टरों पर मंत्री नरम ! पत्रकारों पर हुए गरम.! मंत्री ने कहा सबूत लाओ नही तो करुगा मानहानि का मुकदमा,। आखिर ऐसा क्या कह दिया छतीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री जी ने सुनिये

राजेन्द्र देवांगन
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सवाल पूछने पर पत्रकारों पर भड़क गए मंत्री स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कल बलौदाबाजार में पत्रकारों पर किसी मामले को लेकर पत्रकारों के सवालों से नाराज एक मंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भड़कते हुए पत्रकारों को धमकी दी।

मंत्री ने कहा कि अगर पत्रकारों ने झोला छाप डॉक्टरों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर कोई नकारात्मक खबर बनाई, तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा एक तरफ जहाँ प्रदेश भर मे हर साल ग्रामीण क्षेत्रों सहित शहरी इलाको में फैले छोटे मोटे झोलाछाप डाक्टरो द्वारा गलत इलाज की वजह से लोगो की मौत का आंकडा लगातार बढ़ रहा है और तमाम ऐसे फर्जी झोलाछाप डाक्टरो को स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण मिलने की खबरे भी सामने आती रहती है।

इन्ही झोलाछाप डाक्टरो पर कार्यवाही को लेकर पत्रकार द्वारा सवाल पूछने पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल नाराज हो गए और मंत्री ने उल्टे पत्रकार से सबूत लाने के लिए कह डाला इतना ही नही मंत्री जी ने सबूत नहीं देने पर उल्टा पत्रकार के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की धमकी तक दे डाली।

मंत्री ने पत्रकारों से कहा, ” आप सबूत दीजिये नही, तो मैं मानहानि का केस कर दूंगा।” इस बयान के बाद पत्रकारों में खलबली मच गई और सवाल उठने लगे कि क्या यह बयान प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है। जबकि खुद स्वास्थ्य मंत्री ने 15 अगस्त के मौके पर झोलाडाक्ट्रो की वजह से हो रही मौतों पर चिंता जता चुके है और इन फजी डाक्टरों पर कार्यवाही की बात भी कही थी। और यह बात जग जाहिर है गाँव के कस्बो से लेकर कालोनी की गलियों मे इन फर्जी डाक्टरो की बाढ़ सी आई हुई है और ये सभी आर्युवैद का कोर्स करने के बाद भी इंजेक्शन लगाने से लेकर गंभीर बीमारियों का ईलाज कर रहे है जिसको इनके द्वारा संचालित क्लिनिको मे देखा भी जा सकता हैं।

मंत्री ने ये भी स्पष्ट किया कि झोला छाप डॉक्टरों पर कार्रवाई जरूरी है और यह सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन पत्रकारों से उम्मीद की जा रही है कि वे इस मुद्दे को सही तरीके से पेश करें। इस धमकी के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह सरकार की पारदर्शिता और प्रेस स्वतंत्रता के लिए एक खतरा है। और सबसे बड़ा सवाल है की क्या मंत्री जी का यह बयान झोलाछाप डाक्टरो को और बल देगा।।? पर इतना जरूर कहा जा सकता है की लोगो का गलत इलाज कर मौत की नींद सुला देने वाले ऐसे फर्जी झोलाछाप डाक्टर के समर्थन मे मंत्री जी के बयान की निंदा होनी चाहिए ताकि गलत इलाज से हो रही प्रदेश मे मौतों पर अंकुश लगाया जा सके।

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