पूर्व सेवा गणना समेत 5 मांगें रखी
गुरुवार को जिले के शिक्षकों ने छग शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले स्थानीय राजमहल चौक स्थित राजीव गांधी पार्क में धरना बाद बाइक रैली निकालकर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्रियों व सचिवों के नाम ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर की ओर से नायब तहसीलदार विकास जैन ने ज्ञापन लिया। ये शिक्षक गुरुवार को एक दिन के हड़ताल पर थे। शिक्षकों के हड़ताल से जिले के स्कूलों में दिनभर ताला लटकते रहा।
स्कूलों के बंद होने से कई बच्चे स्कूल के आस-पास ही खेलते नजर आए। जिन स्कूलों में एकाध पुराने शिक्षक उपस्थित रहे, वे भी केवल स्कूल संचालित करने की खानापूर्ति करते नजर आए।मोर्चा के जिला संचालक रमेश कुमार चन्द्रवंशी व शिवेंद्र चन्द्रवंशी के नेतृत्व में आयोजित धरना प्रदर्शन में जिले के चारो ब्लॉक से भारी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
दूरदराज से आए शिक्षक सुबह 11 बजे धरना प्रारंभ किया। इस अवसर पर मोर्चा के पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए कहा कि पंचायत विभाग से शिक्षा विभाग में संविलियन होने के बाद भी अपने स्वाभाविक अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। संविलियन से पहले के बीस साल की सेवा की गणना नहीं किए जाने से शिक्षक एलबी संवर्ग को क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान व पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन शिक्षकों ने धरना के बाद दो बजे बाइक रैली निकाली, जो राजमहल चौक, अम्बेडकर चौक, वीर स्तम्भ चौक, गुरुनानक चौक से यू टर्न लेकर वापस अम्बेडकर चौक, रानी दुर्गावती चौक होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया गया। रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने मोर्चा के आगामी रणनीति के संबंध में बताया कि एक नवंबर को राज्य स्थापना के अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षक पूर्व सेवा गणना दीप जलाएंगे।
11 नवंबर को सभी ब्लॉक मुख्यालय में ज्ञापन दिया जाएगा। 12 से 24 नवंबर के बीच मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, जिला, जनपद व ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों को मांग पत्र देंगे। इसके बार 25 नवंबर को प्रदेशभर के पदाधिकारी नवा रायपुर के इंद्रावती से महानदी भवन तक पैदल मार्च कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे।इधर स्वास्थ्य संयोजकों ने भी ऑनलाइन काम बंद किया इधर, छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ द्वारा 22 अक्टूबर से स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सभी प्रकार के ऑनलाइन काम को बंद कर दिए है।
इस कारण कई योजना पर असर पड़ रहा है। जिलाध्यक्ष गोलूराम सोनवानी ने बताया कि कबीरधाम जिले के 150 उपस्वास्थ्य केंद्र, 25 प्राथमिक व 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में काम करने वाले समस्त ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी (आरएचओ) द्वारा ऑनलाइन डाटा एंट्री कार्य बंद कर दिए है। ऑनलाइन आयुष्मान कार्ड नही बन पा रहा है। सिकलसेल एंट्री,जन्म पंजीयन, आरसीएच टीकाकरण, गर्भवती व शिशु टीकाकरण, यूविन, आईडीएसपी की एंट्री बंद है।

