यह कोर्ट है, कॉफी शॉप नहीं’, CJI चंद्रचूड़ वकील पर भड़के, जानें पूरा मामला

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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नई दिल्ली -चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ बड़े खुशमिजाज किस्‍म के इंसान हैं, लेकिन सोमवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान वह बेहद भड़क गए. उन्‍होंने याचिकाकर्ता वकील को डांटते हुए कहा- ‘यह कोर्ट है, कोई कॉफी शॉप नहीं है. मैं यह बर्दाश्‍त नहीं करूंगा.’  दरअसल, याचिकाकर्ता पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई के खिलाफ इन हाउस जांच की मांग कर रहे थे. लेकिन CJI चंद्रचूड़ ने वकील से केस से उनका नाम हटाने का निर्देश दिया है. सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘आप जज को प्रतिवादी बनाकर जनहित याचिका कैसे दायर कर सकते हैं? कुछ गरिमा होनी चाहिए.’

Yeah शब्‍द पर भड़क गए CJI
डीवाई चंद्रचूड़, पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे. इस दौरान वकील ने अंग्रेजी में ‘Yeah, Yeah’ कहा, तो सीजेआई चंद्रचूड़ भड़क गए. CJI ने वकील पर भड़कते हुए कहा, ‘यह कोई कॉफी शॉप नहीं है. ये क्या है Yeah.. Yeah.. मुझे ये पसंद नहीं है. इसकी इजाजत कोर्ट में नहीं दी जा सकती है. हालांकि, वकील ने बेहद विनम्रता से समझाया कि वह महाराष्‍ट्र से हैं, इसलिए वह ऐसा बोल गए. इसके बाद सीजेआई ने वकील को मराठी में समझाने की कोशिश की.

CJI बोले- कुछ गरिमा होनी चाहिए
याचिका की सुनवाई के दौरान सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘आप जज को प्रतिवादी बनाकर जनहित याचिका कैसे दायर कर सकते हैं? कुछ गरिमा होनी चाहिए. आप यह नहीं कह सकते कि मैं जज के खिलाफ इन-हाउस जांच चाहता हूं. जस्टिस रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज हैं. वह चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की पोस्ट से रिटायर हुए. आप यह नहीं कह सकते कि मैं जज के खिलाफ इन-हाउस जांच चाहता हूं, क्योंकि आप पीठ के समक्ष सफल नहीं हुए. क्षमा करें, हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते.

वकील ने कहा- मेरे मामले में दम है
वकील ने 2018 में जस्टिस गोगोई के खिलाफ इन-हाउस जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की थी. CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘अब वे सेवानिवृत्त जज हैं. हम इस तरह की जांच का आदेश नहीं दे सकते.आपको अब क्यूरेटिव दाखिल करना होगा. हालांकि, वकील ने कहा, ‘मेरे मामले में दम है और कानून भी मेरे पक्ष में है.  लेकिन जस्टिस गोगोई ने उस बयान पर भरोसा करते हुए मेरी याचिका खारिज कर दी जिसे मैंने अवैध होने के कारण चुनौती दी थी. मेरी कोई गलती नहीं थी, मैंने CJI ठाकुर से अनुरोध किया था कि वे श्रम कानूनों से परिचित पीठ के समक्ष मेरी पुनर्विचार याचिका पेश करें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसे खारिज कर दिया गया.’  इस पर CJI ने कहा कि रजिस्ट्री याचिका पर विचार करेगी. फिलहाल जस्टिस गोगोई के नाम को आपके आवेदन से हटाया जा रहा है.

 

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