संसद की 24 स्थाई समितियों का हुआ गठन: बस्तर सांसद महेश कश्यप बने विज्ञान प्रौधौगिकी, वन पर्यावरण जलवायु परिवर्तन में सदस्य –

राजेन्द्र देवांगन
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सांसद महेश कश्यप विज्ञान प्रौधौगिकी, वन पर्यावरण जलवायु परिवर्तन समिति में सदस्य बनाए गए हैं।संसद की स्थाई समितियों का गठन हो गया है। 24 संसदीय स्थाई समितियों में से बस्तर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद महेश कश्यप को विज्ञान प्रौधौगिकी ,वन पर्यावरण जलवायु परिवर्तन में सदस्य बनाया गया है। वहीं इस समिति का अध्यक्ष भुवनेश्वर कलिता को बनाया गया ह.समिति में राज्यसभा से 8 और लोकसभा से 20 सदस्य बनाए गए हैं।

समिति के सदस्यों में पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार, विपल्व कुमार देव, जगदम्बिका पाल, अखिलेश यादव, जयराम रमेश, तेजस्वी सूर्या, इंदु बाला गोस्वामी सहित अन्य शामिल हैं।बस्तर सांसद महेश कश्यप।जानिए कैसे बनती हैं समितियांसंसदीय समितियों का पुनर्गठन हर आम चुनाव के बाद किया जाता है, क्योंकि समितियों के सदस्यों का संसद के मौजूदा सदस्य (सांसद) होना जरूरी है। हालांकि, विभाग-संबंधी स्थाई समितियों का हर साल पुनर्गठन किया जाता है।

जबकि संयुक्त संसदीय समितियों जैसी कई अन्य समितियों में जब कोई सदस्य सेवानिवृत्त होता है या अपनी लोकसभा सीट खो देता है, तो उसमें बदलाव किए जाते हैं।संसदीय समितियों का उद्देश्य संसद के मामलों पर नजर रखनाये पैनल संसद में सभी दलों के सदस्यों को सदन में प्रत्येक पार्टी के आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर चुनते हैं।

इन संसदीय समितियों का उद्देश्य संसद के मामलों पर नजर रखना और कानून निर्माण में सलाहकार की भूमिका निभाना होता है।विभाग-संबंधी 24 स्थाई समितियां हैं जो अपने अधिकार क्षेत्र में सरकार के सभी मंत्रालयों-विभागों को कवर करती हैं। इनमें से प्रत्येक समिति में 31 सदस्य होते हैं, जिसमें 21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से चुने जाते हैं। ये सदस्य लोकसभा के सभापति की ओर से नामित किए जाते हैं।

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