छत्तीसगढ़ में सरकार नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करना चाहती है

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
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नारायणपुर. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में दोपहर होते-होते नक्सलवाद को लेकर हलचल होने लगी. 28 अगस्त की दोपहर होते-होते अटकले लगाई जाने लगीं कि कांकेर-नारायणपुर के सरहदी क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने बड़ा नक्सली ऑपरेशन किया है. सूत्रों ने यहां तक बता दिया था कि इस मुठभेड़ में कई नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. यह मुठभेड़ कोंगेपांगुर क्षेत्र के हाचेकोटि के जंगल में हुई है. बताया जा रहा था कि सुरक्षाबलों ने 25 से ज्यादा नक्सलियों को घेर लिया है. दोनों पक्षों के बीच रुक-रुककर गोलीबारी हो रही है. हालांकि, इस खबर की आधिकारी पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने किसी भी नक्सली के मारे जाने की खबर को खारिज कर दिया.

गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ में नक्सली फिलहाल बैकफुट पर हैं. उनका मनोबल गिर रहा है. प्रदेश सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से साफ कहा है कि या तो वे मुख्य धार में लौटें, या उनका सफाया कर दिया जाएगा. कुछ महीनों पहले सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को खुली चुनौती दी थी.

सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की खतरनाक बटालियन के हेडक्वार्टर और उनके बॉस हिड़मा के गांव पूर्वर्ती पर कब्जा कर लिया था. यहां जवानों ने नया कैंप खोल दिया है. ये इलाका बीजापुर जिले से लगा हुआ है. बीजापुर के इन इलाकों में जवान कई कैंप स्थापित करने की योजना बना रहे हैं. सिलगेर में कैंप स्थापित करने के बाद जवानों ने 30 जनवरी को टेकलगुड़ा में कैंप खोला था.

गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ में नक्सली फिलहाल बैकफुट पर हैं. उनका मनोबल गिर रहा है. प्रदेश सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से साफ कहा है कि या तो वे मुख्य धार में लौटें, या उनका सफाया कर दिया जाएगा. कुछ महीनों पहले सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को खुली चुनौती दी थी.

सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की खतरनाक बटालियन के हेडक्वार्टर और उनके बॉस हिड़मा के गांव पूर्वर्ती पर कब्जा कर लिया था. यहां जवानों ने नया कैंप खोल दिया है. ये इलाका बीजापुर जिले से लगा हुआ है. बीजापुर के इन इलाकों में जवान कई कैंप स्थापित करने की योजना बना रहे हैं. सिलगेर में कैंप स्थापित करने के बाद जवानों ने

नई नीति पर काम कर रहे सीएम
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी हाल ही में कहा था कि वे नक्सलवाद खत्म करने और नक्सलियों को मुख्य धारा में लाने के लिए नई नीति पर काम कर रहे हैं. राज्य के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने भी 27 अगस्त को कहा था कि नक्सलियों की सरेंडर पॉलिसी को और बेहतर करना है, सुविधाओं को जोड़ना है. हम चाहते हैं और सुविधाएं देकर उनका जीवन व्यवस्थित करें. बस्तर की स्थिति ऐसी है कि सरेंडर करने वालों को सात दिन के अंदर आप गन पकड़ाकर गनमैन बना सकते हैं.

समय सीमा पर नक्सलवाद पर कर लेंगे काबू- डिप्टी सीएम शर्मा
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा था कि ये लोग विश्वासपात्र होते हैं. वे अनावश्यक बंदूक लेकर निकले हैं, इसलिए हमारा मकसद उन्हें मुख्यधारा में जोड़ना है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प बड़ा है. चाहे धारा 370 हटाने की बात हो, या आतंकवादियों, उग्रवादियों पर कार्रवाई की बात हो, जो समय सीमा तय की गई है, उस अवधि तक बस्तर में नक्सलवाद पर पूर्ण नियंत्रण करेंगे. नक्सल क्षेत्रों तक विकास पूरी तरह पहुंचेगा.

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