तीन राइस मिलरों के ठिकानों पर खाद्य विभाग ने मारा छापा, 9.43 करोड़ का धान और चावल जब्त

राजेन्द्र देवांगन
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रायपुर। कस्टम मिलिंग के लिए दिए गए चावल को जमा नहीं करने पर खाद्य विभाग द्वारा कार्रवाई की गई है। जिले में तीन राइस मिलरों के यहां छापे मारी करते हुए 19 हजार 970 क्विंटल धान और 8,100 क्विंटल चावल जब्त किया गया है। इस पूरे धान और चावल की कीमत लगभग 9.43 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। दरअसल, रायपुर जिले में राइस मिलरों द्वारा चावल धीमी गति से जमा किया जा रहा था, जिस पर शासन स्तर पर नाराजगी जताई गई थी।

इस पर कलेक्टर डा गौरव सिंह ने खाद्य विभाग को राइस मिलरों छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 की कंडिकाओं के उल्लंघन किए जाने और चावल जमा किए जाने में रूचि नहीं लेने पर कार्रवाई के लिए टीम को भेजा।

इस दौरान अभनपुर विकासखण्ड के राइस मिल फर्म निर्मला राईस प्रा.लि. से 3,800 क्विंटल धान एवं 7,750 क्विंटल चावल, मंदिर हसौद के उमरिया स्थित कमल राइस मिल से 3,600 क्विंटल धान जब्त किया गया। इसी प्रकार विकासखण्ड आरंग स्थित ग्राम जरौदा, कान्हा राइस मिल की जांच में 1,2570.40 क्विंटल धान एवं 350 क्विंटल चावल जब्त किया गया। इस कार्रवाई में सहायक खाद्य अधिकारी पवित्रा अहिरवार, भारती हर्ष एवं खाद्य निरीक्षक श्रद्धा चौहान शामिल थे।

26 की जगह आठ रेक ही उपलब्ध

कलेक्टर ने एफसीआइ के अफसरों को चावल जमा करने के लिए स्टैक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही रेलवे के अधिकारियों से भी शासन द्वारा शीघ्र रेक उपलब्ध कराने कहा। जिस पर रेलवे ने 26 रेक उपलब्ध कराने की बात कही और सिर्फ आठ रेक ही उपलब्ध कराया गया। वहीं, जिले में वर्तमान में 2,66,000 टन चावल जमा किया जाना शेष है।

6.19 करोड़ का धान और 3.24 करोड़ का चावल

इस छापेमारी में 19,970 क्विंटल धान जब्त किया गया है, जिसकी कीमत 3100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 6,19,07,000 रुपये होती है। वहीं, चावल की रिकवरी शासन के निेर्देशानुसार 4000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से की जाती है। उस हिसाब से जब्त किए गए 8,100 क्विंटल चावल की कीमत तीन करोड़ 24 लाख रुपये होती है।

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