गरियाबंद में तापमान 44 डिग्री के पार, जारी किया गया लू का अलर्ट

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

गरियाबंद। जिला मुख्यालय सहित जिले का तापमान 44 डिग्री पार कर गया। नवतपा के चौथे दिन बुधवार को आसमान से मानो आग बरस रहा था। इधर छत्तीसगढ़ में बढ़ती गर्मी को लेकर एक बार फिर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को मौसम विभाग ने बताया कि, प्रदेश के 20 जिलों में हीट वेव चलने की संभावना है। जिसमें गारियाबंद जिला भी शामिल हैं। बुधवार को दो घंटे के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

गरियाबंद के ज्यादातर हिस्सों में सुबह से ही तेज चमकदार सूरज निकला रहा। दिन में नौ बजे ही धूप काफी तेज हो गई और ग्यारह बजे के बाद तो घर से निकलना ही मुहाल होने लगा। दिन के समय हवा की गति भी 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक से ज्यादा रही। मौसम विभाग ने प्रदेश के बालोद, बलौदाबाज़ार, बेमेतरा, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद, गौरेला पेंड्रा मरवाही, जांजगीर चांपा, कबीरधाम, कोरबा, महासमुंद, मोहला मानपुर-अंबागढ़ चौकी, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, रायगढ़, राजनांदगाव, सक्ति, सारंगढ-बिलाईगढ़ में हीट वेव चलने की संभावना जताई है।

गरियाबंद अंचल में 44 डिग्री तेज गर्मी को देखते हुए हीट वेव या लू से बचाव और स्वस्थ रहने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इससे बचाव करने के लिए विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। इस बारे में जानकारी देते हुए जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ हरीश चौहान ने बताया कि, तेज़ धूप में लंबे समय तक रहने से शरीर में पानी एवं खनिज -लवण की कमी हो जाती है जिसे लू की स्थिति कही जाती है। सिर में भारीपन, शरीर में तेज दर्द, तेज बुखार, चक्कर, उल्टी आना, कमजोरी आना, बार बार मुंह सूखना, पेशाब कम आना अथवा बेहोशी ये कुछ लक्षण हैं जो लू को प्रकट करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि, लू लगने पर सर में गीले कपड़े की पट्टी लगाना उचित होगा और अधिक से अधिक ओआरएस घोल दिया जाए। मरीज के शरीर को ठंडे पानी से पोछना चाहिए और अधिक से अधिक ठंडा पेय दिया जाए। उल्टी, तेज़ सर दर्द को स्थिति में मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति को कोशिश करनी चाहिए कि, वह घर से कम ही बाहर निकले,बाहर जाने की स्थिति में स्वयं को कपड़ों से ढक कर रखे। कपड़े मुलायम और सूती हों तो अच्छा रहेगा। इसके अतिरिक्त लगातार पानी और अन्य पेय पदार्थ का सेवन करते रहना चाहिए। उल्टी, सर दर्द, तेज़ बुखार की स्थिति में चिकित्सक से संपर्क किया जाए। किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति में तत्काल अस्पताल में संपर्क करें।

Share This Article