अशोका बिरयानी के जीएम और मैनेजर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, दो युवकों की मौत के मामले में की कार्रवाई

राजेन्द्र देवांगन
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रायपुर। अशोका बिरयानी रेस्टोरेंट के दो कर्मचारियों के मौत के मामले में दर्ज अपराध में जीएम रोहित चंद्र व मैनेजर रोमिला मंडल की पुलिस द्वारा मामले में गिरफ्तारी की गई है। इन्हें धारा 304, 34 के तहत न्यायालय प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। अशोका बिरयानी के मालिक के.के. तिवारी को 14 दिन की मिली न्यायिक रिमांड अशोका बिरयानी के मालिक कृष्णकांत तिवारी को कोर्ट में पेश किया गया। दो युवकों की मौत के मामले में केके तिवारी को किया गया पेश. कोर्ट ने केके तिवारी को 4 मई तक की न्यायिक हिरासत में भेजा। रायपुर के बिरयानी में 2 कर्मचारियों की मौत के बाद पुलिस ने मामलें में अशोका बिरयानी के मालिक कृष्णकांत तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। मामलें में पुलिस ने बताया कि होटल अशोका बिरयानी में घटित घटना में थाना तेलीबांधा के अपराध क्रमांक 291/24 धारा 304,34 भादवि. के मुख्य आरोपी एवं होटल के संचालक कृष्णकांत तिवारी को गिरफतार किया गया है प्रकरण के दो अन्य आरोपी रोमिना मण्डल एवं रोहित चंद्र जो वर्तमान में जेल में निरूद्ध है जिनके रिहा होने पर प्रकरण में गिरफ्तार किया गया है। घटना के एक दिन बाद शुक्रवार को भी जमकर प्रदर्शन हुआ।

इस बीच देर शाम परिजनों ने दोनों लाश को होटल के दरवाजे पर रखकर नारेबाजी की। तेलीबांधा थाना क्षेत्र के जीई रोड स्थित बिरयानी में गटर साफ करने के दौरान दोनों की मौत हुई थी। इस मामले में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये मौत घटना नहीं है, बल्कि प्रबंधन ने हत्या की है। मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है, लेकिन वहां मौजूद लोग आक्रोशित हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहना है कि पुलिस एक हाफ बिरयानी में बिक गई है और होटल के मैनेजमेंट के लोग जो बयान दे रहे है उसी को आधार मानकर एक तरफा कार्रवाई की गई है। वही होटल के मैनेजरों द्वारा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट बदलने की भी बातें सामने आ रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि कोई न कोई छुटभैया कांग्रेसी नेता होटल स्टाफ और मैनेजमेंट को बचाने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोर लगा रहा है।

बिरयानी सेंटर का मालिक कृष्णकांत तिवारी जमानत, निरस्त होने के बाद भी फरारी में खुलेआम घूमते रहा मुंबई निवासी रितु शर्मा भी बिरयानी सेंटर के संचालक कृष्णकांत तिवारी पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने दादा के नाम पर डीडी थाने के सामने जमीन खरीदी थी जिसे उक्त बिरयानी सेंटर के संचालक कृष्णकांत तिवारी ने फर्जी दस्तावेज के सहारे रजिस्ट्री करवा लिया था जिसकी रिपोर्ट पर डीडी नगर थाने में अपराध दर्ज है। उन्होंने कल पत्रकारवार्ता में बताया कि बिलासपुर हाई कोर्ट ने बिरयानी सेंटर के संचालक तिवारी की जमानत भी ख़ारिज कर दी थी उसके बावजूद रायपुर पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई जबकि वह रायपुर में ही खुलेआम घूम रहा है। इसके आलावा रितु शर्मा ने यह भी आरोप लगाया की उसने उन्हें गुंडों से पिटवाया भी, जिसकी शिकायत भी उन्होंने थाने में की थी कोई कार्रवाई नहीं होने के वजह से वे मुंबई में ही रही। यह मामला अशोका बिरयानी डीडी नगर वाली ब्रांच का है ठीक थाने के सामने जमीन फर्जी तरीके से कब्जा कर रजिस्ट्री करवा लिया। और वहां पर बिरयानी सेंटर खोल लिया। जमीन मालिकों को गूंडे और पुलिस की धमकी देकर भगा दिया।

जबरन गटर में उतारा मृतक नीलकमल कुमार पटेल (30) जांजगीर चांपा निवासी के भाई दिनेश पटेल ने बताया कि नीलकमल अशोका बिरयानी सेंटर में इलेक्ट्रिशियन का काम करता था, बावजूद उसे जबरन गटर में उतारा गया। घटना के बाद होटल प्रबंधन ने उसे लगातार गुमराह करते हुए मौत की अलग-अलग वजह बताई। नीलकमल का डेढ़ साल बच्चा भी है। अब प्रबंधन इस मामले को ठंडे बस्ते में डालना चाहता है। हमारे भाई के हत्या का आरोपी अशोक बिरयानी का मालिक है और मालिक ही सभी सच्चाई को छुपाकर सभी कर्मचारियों पर दबाव बनाए रखा है। सच सामने आना चाहिए। सभी कर्मचारियों से अलग-अलग बयान कठोरता से लेना चाहिए। जिससे सच्चाई सामने आ पाएगी। शबाना, रूबीना, पूजा और न जाने कई ऐसी महिला इंजार्च कर्मचारी है जो मालिक की खास बनकर कर्मचारियों पर अत्याचार करती है। जब दोनों मृतकों को सुबह 6 बजे से गटर साफ करने के नाम पर भेजा गया था। तो सुबह 11 बजे लाश के रूप में क्यों निकाला गया।अशोका बिरयानी के सभी ब्रांच में ताले, गृहमंत्री विजय शर्मा ने पीडि़त परिवारों को न्याय का भरोसा दिया।

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