केजरीवाल को झटका, गिरफ्तारी-हिरासत के खिलाफ अर्जी दिल्ली HC में खारिज..जानें की टिप्पणी..!

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
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केजरीवाल को झटका, गिरफ्तारी-हिरासत के खिलाफ अर्जी दिल्ली HC में खारिज..जानें की टिप्पणी..!
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कुछ अहम टिप्पणी करते हुए राहत देने से इनकार कर दिया.
नई दिल्लीः दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाली की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका को मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ये याचिका जमानत याचिका नहीं है, बल्कि गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है. जब भी किसी आरोपी को सरकारी गवाह बनाया जाता है तो वे न्यायिक अधिकारी का काम होता है न कि जांच एजेंसी ईडी का.
कोर्ट ने कहा कि किसने किस पार्टी को चुनाव लड़ने के लिए पैसा दिया ये कोर्ट को तय नहीं करना है. इलेक्टोरल बांड के रूप में किसने किस पार्टी को पैसा दिया ये कोर्ट को विचार नहीं करना है. केजरीवाल चाहें तो गवाहों का क्रास-एग्जामिनेशन कर सकते हैं. ये ट्रायल का मामला है और ये हाईकोर्ट का मामला नहीं है.
जांच कैसे की जानी है ये तय करना आरोपी का काम नहींः कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी किसी की भी जांच कर सकती है. कोर्ट ने अमानतुल्लाह खान के फैसले का उदाहरण देते हुए कहा कि पब्लिक फिगर को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए. हम ट्रायल कोर्ट की जगह नहीं ले सकते. यह दलील खारिज की जाती है कि केजरीवाल से वीसी के जरिए पूछताछ की जा सकती थी. यह तय करना आरोपी का काम नहीं है कि जांच कैसे की जानी है. यह आरोपी की सुविधा के मुताबिक नहीं हो सकता.
कोर्ट कानून से बंधा हैः कोर्ट ने आगे कहा कि मार्च से ही केजरीवाल समन को नजरअंदाज कर रहे हैं. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता है कि गिरफ्तारी चुनाव को ध्यान में रखकर की गई है. कोर्ट कानून से बंधा है, न कि राजनीति से. जज संविधान से बंधे होते हैं. न्यायपालिका का काम कानून की व्याख्या करना है और इसमें वो किसी का पक्ष नहीं लेती है, वो राजनीतिक में नहीं पड़ती है. राजनीतिक हस्तियों के मामलों में कोर्ट को केवल कानून को देखना है और उसके लिए राजनीति जरूरी नहीं है. कोर्ट की चिंता संवैधानिक नैतिकता है, राजनीतिक नैतिकता नहीं. इस मामले में भी कोर्ट ने कानूनी तथ्यों पर ही विचार किया.
21 मार्च से हिरासत में हैं CM केजरीवालः केजरीवाल ने 23 मार्च को गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका लगाई थी. इस पर 3 अप्रैल को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. इससे पहले एक अप्रैल को राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल की याचिका खारिज करते हुए उन्हें 15 अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. तब से वो तिहाड़ जेल में बंद हैं, उन्हें 9 दिन हो गए हैं. बता दें, अरविंद केजरीवाल को शराब नीति केस में 21 मार्च को ईडी ने गिरफ्तार किया था.

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