MP Toll Tax: मध्य प्रदेश में सफर हुआ महंगा, 10 हाईवे पर बढ़ा टोल टैक्स..!

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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MP Toll Tax: मध्य प्रदेश में सफर हुआ महंगा, 10 हाईवे पर बढ़ा टोल टैक्स..!
मध्य प्रदेश में अब सफर करने के लिए लोगों को ज्यादा टोल टैक्स चुकाना होगा। यहां के चार नेशनल हाईवे और 6 स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स बढ़ा दिया गया है।
1 अप्रैल से नया महीना शुरू होते ही कई सारे परिवर्तन देखने को मिले हैं। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में जहां कटौती की गई है, तो मध्य प्रदेश में टोल टैक्स और प्रॉपर्टी समेत कई सारी चीज महंगी हो चुकी है। इस महंगाई का असर सीधा आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। प्रदेश के 102 टोल बैरियर में से 10 पर टोल टैक्स बढ़ा दिया गया है। वहीं, प्रॉपर्टी की कीमत कुछ जगहों पर 95% तक बढ़ाई गई है। रजिस्ट्री भी महंगी हो चुकी है और अब सरकार स्टांप ड्यूटी ज्यादा लेगी।
बढ़ाया गया टोल टैक्स
मध्य प्रदेश में 10 टोल नाकों पर टोल टैक्स बढ़ाया गया है। इसमें से चार नेशनल और छह स्टेट हाईवे के टोल हैं, जहां टैक्स में वृद्धि हुई है। थोक मूल्य सूचकांक की दर सामने आने के बाद यह वृद्धि की गई है। बता दें की जो टोल एमपीआरडीसी की देखरेख में संचालित किए जाते हैं। वहां के टैक्स में बढ़ोत्तरी का ऐलान पहले ही किया जा चुका था, जो 1 अप्रैल से प्रभावी हो चुका है।
इन नेशनल हाईवे पर बढ़ा टोल टैक्स
रीवा से एमपी-यूपी बॉर्डर, ब्यावरा से एमपी-राजस्थान बॉर्डर, ग्वालियर-भिंड से एमपी-यूपी बॉर्डर, मनगवां से एमप-यूपी बॉर्डर पर टोल टैक्स एक से साढ़े 3 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
इन स्टेट हाईवे पर बढ़ा टोल
भोपाल-देवास, मंदसौर-सीतामऊ, जावरा-नयागांव, लेवड़-मानपुर, चांदपुर-अलीराजपुर, जावरा-नयागांव स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स में 7 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है।
बढ़े प्रॉपर्टी के दाम
इधर जिला और केंद्रीय मूल्यांकन समिति के निर्णय के बाद जमीनों के दाम भी बढ़ गए हैं। राजधानी भोपाल में कई जगहों पर 95% तक की बढ़त देखी गई है। इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर जैसी जगहों पर भी बढ़ी हुई कीमतों का असर देखने को मिल रहा है।
यूपीआई ट्रांजैक्शन भी महंगा
इसके अलावा यूपीआई से पेमेंट करना भी आज से महंगा हो सकता है। दरअसल, यूपीआई की गवर्निंग बॉडी ने 2000 रुपये से अधिक के पेमेंट पर प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट फीस वसूलने की घोषणा थी। हालांकि इस फैसले का असर उपभोक्ताओं पर नहीं होगा और इस फीस का असर मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर होगा।

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