रायपुर पुलिस ने दिल्ली से साइबर ठग के गैंग को पकड़ा, नोएडा में कॉल सेंटर के जरिए करते थे फ्रॉड…!

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
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रायपुर पुलिस ने दिल्ली से साइबर ठग के गैंग को पकड़ा, नोएडा में कॉल सेंटर के जरिए करते थे फ्रॉड…;
रायपुर पुलिस ने साइबर ठग के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है. जो दिल्ली और नोएडा में बैठककर ठगी की वारदात को अंजाम देता रहा है. हाईटेक साइबर गैंग के 14 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए हैं. इस बात की जानकारी रायपुर पुलिस ने शनिवार को मीडिया को दी.

बीमा पॉलिसी के नाम पर करते थे ठगी: रायपुर पुलिस ने बताया कि आरोपी इंश्योरेंस पॉलिसी वेरीफिकेशन और ज्यादा क्लेम दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी किया करते थे. रायपुर के टिकरापारा थाने में बीमा के नाम पर ठगी के की केस दर्ज हुए थे. जिसमें जांच के बाद यह खुलासा हुआ है. यह लगातार ऐसे लोगों को शिकार बनाते थे जो ज्यादा रकम के झांसे में आकर इनकी गिरफ्त में आ जाते थे.

नोएडा में बना रखा था कॉल सेंटर: ऑनलाइन ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने यूपी के नोएडा में कॉल सेंटर बना रखा था. रायपुर पुलिस ने कॉल सेंटर में काम करने वाले 41 लोगों को नोटिस जारी किया है जिनमें 25 महिलाएं हैं.

दिल्ली से कैसे हुई आरोपियों की गिरफ्तारी: रायपुर पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए रायपुर में एक सप्ताह तक कैंप किया था. तब जाकर उन्हें सफलता मिली. ठगों के इस गिरोह के पास से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट मिले हैं. जिसमें 57 कीपैड मोबाइल, एक वायरलेस सेट, एक लैपटॉप और बीमा कंपनियों से संबंधित दस्तावेज और 50 फर्जी सिम कार्ड हैं.

“टिकरापारा थाने में पीड़ित महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराया था कि वह बिजली विभाग में डिप्टी जनरल मैनेजर के पद से रिटायर हुई है. सन 2016 में पीड़ित महिला के मोबाइल पर रामकृष्ण वर्मा और पुनीत जोशी नाम के दो व्यक्तियों ने मैसेज किया. इस मैसेज में पुराने बीमा पॉलिसी के आधार पर नई बीमा पॉलिसी दिलाने की बात कही गई. इस तरह झांसा देकर पीड़ित महिला से साल 2017 में कुल 70 लाख रुपये का ट्रांसफर अलग अलग बैंक खाते में करवाया गया. इसी केस की जांच में यह खुलासा हुआ है”: संतोष सिंह, रायपुर एसएसपी

कई राज्यों में केस है दर्ज : गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों में से चार के खिलाफ दुर्ग और दिल्ली के अलग अलग थानों में केस दर्ज है. रायपुर पुलिस सभी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रायपुर पहुंची है. सभी आरोपी छत्तीसगढ़ के अलावा असम, हरियाणा और देश के अन्य राज्यों में ठगी की वारदात को अंजाम देते थे. पकड़े गए आरोपी 6 महीने में अपना स्थान बदलकर दूसरी जगह अपना कॉल सेंटर चलते थे.

कब कब ठगी की वारदात को दिया अंजाम

साल 2019 में दुर्ग मजनेश कुमार चौहान से 65 लाख रुपये की ठगी की

साल 2019 में असम के ललित शर्मा से 25 लाख रुपये की ठगी की

साल 2019 में हरियाणा के एक शख्स से 40 लाख रुपये की ठगी की

कहां के हैं आरोपी: रायपुर पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी यूपी और दिल्ली के रहने वाले हैं. जिनमें रवि चौहान, मंजेश कुमार चौहान, मनोज कुमार शर्मा, दिव्या कुमार, ऋषभ चौहान, नीतीश कुमार और नीरज सिंह शामिल हैं. इसके अलावा तारक विश्वास, विनीत कुमार, मोनू, नाजिम मंसूरी, रंजीत कुमार, मोहनिस बवंकर और अरुण सिंह भी इस गैंग में काफी अरसे से काम करते आ रहे हैं.

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