हाईटेक होगा महाकालेश्वर का अन्न क्षेत्र, ऑटोमेटिक मशीनों से बनेगा भोजन, जानें पुरी खूबियां…!

राजेन्द्र देवांगन
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रिपोर्टर राजेश जोशी

हाईटेक होगा महाकालेश्वर का अन्न क्षेत्र, ऑटोमेटिक मशीनों से बनेगा भोजन, जानें पुरी खूबियां…!
विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों विस्तारीकरण का काम लगातार जारी है। मंदिर की भोजनशाला भी हाईटेक होने जा रही है और यह शिर्डी और तिरुपति मंदिर की भोजनशाला से कई गुना बड़ी होगी। बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले भक्तों के लिए अन्न क्षेत्र चलाया जाता है जहां अब ज्यादा संख्या में भक्तों को प्रसादी का लाभ मिलेगा। यहां के किचन को ऑटोमेटिक और अत्याधुनिक मशीनों से लैस किया जाएगा। डाइनिंग रूम में करीब 6000 भक्त एक ही बार में बैठकर भोजन कर सकेंगे।

महाकालेश्वर मंदिर में लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। उन्हीं की सुविधा को देखते हुए मशीन बनाने के ऑर्डर दिए जा रहे हैं। ऑर्डर कंप्लीट होते ही इन्हें अन्न क्षेत्र में इंस्टाल कर दिया जाएगा और 1 दिन में एक लाख से ज्यादा भक्तों का भोजन बनाया जा सकेगा।महाकालेश्वर विस्तारीकरण का काम फिलहाल जारी है जिसमें अन्न क्षेत्र का विस्तार भी किया जाना है। अन्न क्षेत्र की जो डिजाइन तैयार की गई है उसमें दो फ्लोर होंगे ताकि भक्तों को आराम से बैठा कर भोजन करवाया जा सके। अन्न क्षेत्र सर्विस पार्किंग के पास तैयार किया जा रहा है।

महाकाल लोक के सामने भोजनशाला का निर्माण किया जा रहा है जो 4 महीने में बनकर तैयार हो जाएगी। पूरी तरीके से हाईटेक भोजन शाला में सारा काम सीएनजी से चलेगा। ऑटोमेटिक मशीनों में सब्जियों और चावल के लिए टाइमर सेट किया जाएगा और चपाती बनाने के लिए भी अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग होगा। शिर्डी और तिरुपति बालाजी जैसे स्थानों पर जो बड़े-बड़े अन्य क्षेत्र चलते हैं वहां का दौरा करने के बाद उज्जैन में अन्य क्षेत्र को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं को आसानी से भोजन कराया जा सके। अत्याधुनिक मशीनों से खाना तैयार होने के बाद यहां पर डिश वॉश भी मशीनों से ही होने वाला है।

मशीनों का दिया गया ऑर्डर

भोजनशाला के लिए अत्याधुनिक मशीनों का ऑर्डर दे दिया गया है। यह मशीनें तीन करोड़ रुपए की होंगी जिसमें आटे की लोई बनाना, सब्जी काटना, रोटी बनाना और सब्जी काटने के बाद बनने का पूरा प्रोसेस ऑटोमेटिक तरीके से होगा। भोजन शाला के निर्माण के बाद महाकालेश्वर का अन्य क्षेत्र हाईटेक हो जाएगा।

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