नक्सलियों के खिलाफ लॉन्च होगा ऑपरेशन ‘विकास’:7 जिलों के पुलिस अफसरों की हाईलेवल मीटिंग, सालभर के कामों की DGP ने की समीक्षा….!

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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ब्यूरो रिपोर्ट सत्येंद्र सिंह

नक्सलियों के खिलाफ लॉन्च होगा ऑपरेशन ‘विकास’:7 जिलों के पुलिस अफसरों की हाईलेवल मीटिंग, सालभर के कामों की DGP ने की समीक्षा….!
छत्तीसगढ़ के बस्तर में पुलिस फोर्स नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन ‘विकास’ लॉन्च करने जा रही है। बस्तर में अब बंदूक की गोली के साथ ही विकास कामों से नक्सलियों को चोट पहुंचाया जाएगा। अंदरूनी इलाकों में सुराक्षाबलों के कैंप खोले जाएंगे। सड़क, पुल-पुलिया, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत ग्रामीणों से जुड़े काम किए जाएंगे। साल 2022 में पुलिस ने संभाग के कई नक्सलगढ़ में कैंप स्थापित कर इसकी शुरुआत भी कर दी है। जगदलपुर पहुंचे DGP अशोक जुनेजा ने इस साल हुए कामों की समीक्षा की है।

बस्तर के IG सुंदरराज पी ने बताया कि, शुक्रवार को जगदलपुर में DGP अशोक जुनेजा ने दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर समेत अन्य जिलों के पुलिस अफसरों की बैठक ली। कुछ दिनों पहले मुख्य सचिव और DGP अशोक जुनेजा ने नक्सल इलाके में स्थित पिडमेल कैंप पहुंचे थे। भेज्जी-चिंतागुफा और बारसूर-पल्ली सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन किया था। क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई थी। मैदानी इलाकों में जो फीडबैक नहीं मिल पाया था, आने वाले कार्य योजना में उसे शामिल किया गया है। इस बैठक में निर्णय लिया गया है कि, क्षेत्र में विकास के लिए बेहतर रणनीति से काम किया जाएगा।


साल 2022 में पुलिस ने बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर जिलों में डब्बा कोंटा, पिडमेल, पोटकपल्ली, एटेपाल, बेचापाल, पुसनार, हिरोली, चांदामेटा समेत अन्य जगहों पर नवीन कैंप स्थापित किए गए हैं। इन कैंपो के माध्यम से अंदरूनी इलाकों की जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। IG ने कहा कि, कई गांवों में आंगनबाड़ी, अस्पताल भवन, स्कूल भवनों का निर्माण किया गया है। ग्रामीणों की तरफ से भी पुलिस को सकारात्मक रिस्पॉन्स मिल रहा है।

नई रणनीति के साथ काम करेंगे विकास कामों से टूटेगी नक्सलियों की कमर
साल 2022 में संभागभर में पुलिस ने माओवादियों को गोलियों का जवाब गोलियों से दिया और 32 नक्सलियों को मार गिराया गया। सरकार के विकास काम, पुलिस के प्रति विश्वास की वजह से इस साल 400 से ज्यादा नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा। अब ये विकास के सहयोगी है। गांवों में विकास चाहते हैं। विकास कामों से ही नक्सलियों को चोट पहुंचाया जा रहा है। जिससे उनकी कमर टूटती जा रही है। बस्तर पुलिस गोलियों के साथ-साथ विकास कामों में भी फोकस कर रही है।

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