अकलतरा का सट्टा बाजार.. युवा पीढ़ी हो रहे बर्बाद…!

राजेन्द्र देवांगन
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ब्यूरो रिपोर्ट सीता टंडन

अकलतरा का सट्टा बाजार.. युवा पीढ़ी हो रहे बर्बाद…!

सक्ती और बाराद्वार में जब रेड पड़ी तो अकलतरा के वैध और अवैध कारोबारियों की सांसें भी फूल गयी थी तो इस सट्टा कारोबारी की सांसें तो हलक में अटकनी ही थी क्योंकि यह रेड उसके गुरु और कंस मामा के घर पड़ी थी । रेड ने इनकी भी नींद हराम की तो है लेकिन अकलतरा वासी होने की सुरक्षित दीवारों ने ईडी और आईटी को सेंध नहीं मारने दिया अन्यथा यहां भी सक्ति की तरह मालिकों को नौकरों का आश्रय लेना पड़ जाता परंतु हर वो कारोबारी जो मेहनत के दम पर आगे बढ़ा है वह मन-ही-मन ईडी और आईटी वालों से कामना कर रहा है कि आ ! मार रेड और तोड़ इनकी कमर क्योंकि यहां के अवैध धंधा चलाने वालों को छुने की हिम्मत और इच्छा पुलिस में नहीं हैं । कुछ साल पहले एक टी आई ने जातें-जाते नाम और दाम दोनों कमाने की सोची और पहुंच गया सट्टा किंग के महल में , अचानक ही बिन बुलाए मेहमान की तरह पुलिस का आना वह संभाल नहीं पाया । सट्टा किंग उस दिन अपनी पुरानी हैसियत में आया और बिना कार्रवाई पांच बडे लिफाफे लेने की पेशकश की परंतु वह टी आई भी जानता था कि पुलिस की कार्रवाई होने पर भी मुझे वो पांच लिफाफे मिलेंगे ही बल्कि कागजी कार्यवाही के बाद मैं सुरक्षित हो जाउंगा । अब वह अपने साजों सामान सहित थाना लाया गया । सारी आवश्यक पुलिस कार्रवाई हुई । पत्रकारों ने पुलिस की तारीफ के कसीदे पढ़े और सट्टा कारोबारी की छीछालेदर की । अब चेले ने सक्ती में बैठे अपने गुरु को फोन कर दिया और गुरु ने टीआई की गुरु-माता को फोन किया नतीजा जो सोचा-समझा था वहीं निकला , सट्टा किंग बाइज्जत अपने महल में पहुंच गया और सब कुछ वैसे ही चलने लगा जैसे यह उसकी रुटीन हो । टी आई हीरो बना फिर पांच की पेटी उसके घर पहुंची । गुरु-माता और शिष्य दोनों ने जाते जाते बहती गंगा में हाथ ही नहीं धोये बल्कि नहा-धोकर यहां से पड़ोसी जिले में चले गए । बताया जा रहा है कि आज अकलतरा के सट्टा बाजार में यह बुकी सट्टा किंग बनकर लोगों के दिमाग से खेल रहा है । दशक भर पहले तक इस बुकी को शास्त्री चौक में नड्डा , बिस्किट , चाकलेट बेचते देखा गया है । दस साल में यह नजारा बदला कैसे और आज यह बुकी करोड़ों-अरबो की संपत्ति का मालिक बन गया है । कभी क्रिकेट खेलने वाला आज बड़े-बड़े क्रिकेटर्स पर बोलियां लगाकर लोगों का दीवाला निकाल रहा है । लोग एक-दूसरे से पूछते भी है कि ये आइटी और ईडी कब अकलतरा में मेहरबान होगे कि

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