दफ्तरों में पसरा सन्नाटा:नेहरू चौक में जुटी भीड़,कई जगह तालेबंदी के हालात, दो हिस्से में बटे कर्मचारी

राजेन्द्र देवांगन
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नेहरु चौक में जुटी कर्मचारियों की भीड़

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कर्मचारियों के आंदोलन के चलते कई विभागों के दफ्तरों में सन्नाटा पसर गया है। रजिस्ट्री ऑफिस सहित अन्य विभागों में तालेबंदी के हालात बन गए हैं। नेहरु चौक में कर्मचारी नेताओं के साथ ही बड़ी संख्या में एकजुट होकर कर्मचारी सरकार के खिलाफ हल्ला बोलते हुए जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। इधर, आंदोलन को लेकर लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ अलग हो गया है। हड़ताल वापस लेने से नाराज पदाधिकारियों ने संघ के प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया है और आंदोलन में कूद गए हैं।

दरअसल, अनिश्चित कालीन आंदोलन शुरू होने से ठीक एक दिन पहले रविवार की शाम लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ और भृत्य संघ ने आंदोलन से खुद को अलग कर लिया। इसके चलते प्रदेश के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी प्रदेश अध्यक्ष से नाराज हो गए हैं। गरियाबंद, धरमजयगढ़ सहित कई जिलों के नाराज पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, और आंदोलन में कूद गए हैं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए प्रदेश अध्यक्ष का विरोध शुरू कर दिए हैं, और बिना सर्वसम्मति के हड़ताल वापस लेने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों की नाराजगी के चलते प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने अपना मोबाइल भी बंद कर दिया है।

लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के नाराज पदाधिकारी इस्तीफा देने लगे हैं।

नेहरू चौक में जुटी भीड़, सरकार के खिलाफ बोला हल्ला
कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में प्रदेश के 96 संगठन शामिल हैं। सोमवार को दोपहर आंदोलन शुरू होने से पहले ही कर्मचारी अपने दफ्तर जाने के बजाए नेहरु चौक में जुटने लगे थे। दोपहर 12 बजे तक कर्मचारी नेताओं के साथ ही बड़ी संख्या में आंदोलनकारी कर्मचारी धरनास्थल पहुंच गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि इससे पहले 25 से 30 जुलाई तक कामबंद आंदोलन किया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने 6 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी किया है। फेडरेशन केंद्र सरकार की तरह महंगाई भत्ते की मांग पर अड़ा है।

दफ्तरों में सन्नाटा, गिने चुने कर्मचारी पहुंचे, कई ऑफिस में तालेबंदी
इधर, कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा हुआ है। कंपोजिट बिल्डिंग के कई दफ्तरों में गिने-चुने कर्मचारी काम करते नजर आए। वहीं, रजिस्ट्री ऑफिस सहित कई विभागों में तालेबंदी की स्थिति है। कर्मचारियों के व्यापक आंदोलन को देखते हुए प्रशासन न तो कोई पहल कर पाई है और न ही कार्रवाई कर सकी है।
कर्मचारी फेडरेशन के हड़ताल को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, पुलिस बल ने कर्मचारियों को रोकने की कोशिश नहीं की। उनका कहना था कि सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाने के लिए उनकी ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को रोकना मुश्किल है।

नेहरु चौक में जुटे कर्मचारी नेता।

ओबीसी महासभा का मिला समर्थन
अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के अंदोलन को ओबीसी महासभा ने समर्थन दिया है। इस संबंध में महासभा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निवेदन किया है कि कर्मचारियों की मांग जल्द पूरा करें।

ये है प्रमुख मांगें
मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को 22 प्रतिशत तक महंगाई भत्ता मिलता है। फेडरेशन की मांग है कि सरकार पड़ोसी राज्य की तरह हमें भी 34 प्रतिशत भत्ता प्रदान करे। यह मांग पूरी होने पर ही अनिश्चितकालीन आंदोलन समाप्त होगा।

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