बस्तर के रास्ते छत्तीसगढ़ की धरती पर 07 जून तक मानसून का होगा आगमन

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

बस्तर के रास्ते छत्तीसगढ़ की धरती पर 07 जून तक मानसून का होगा आगमन

जगदलपुर :- दक्षिण-पश्चिम मॉनसून छत्तीसगढ़ में बस्तर के रास्ते प्रवेश करता है। मॉनसून केरल पहुंचने के करीब सप्ताह भर बाद बस्तर में दस्तक देता है। इस वर्ष मौसम विभाग ने 27 मई को मॉनसून के केरल पहुंचने की संभावना का अनुमान लगाया है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार हुआ एवं सब कुछ सामान्य रहा तो अगले 10 दिन में 07 जून तक बस्तर के रास्ते से छत्तीसगढ़ की धरती पर मानसून का आगमन होगा। वहीं पिछले वर्ष 31 मई को पहुंचने का अनुमान लगाया था, लेकिन 03 जून को मॉनसून दस्तक दिया था, तथा बस्तर में 09 जून को पहुंच गया था।

गौरतलब है कि बस्तर संभाग मुख्यालय के मौसम विभाग कार्यालय केप्रभारी मौसम वैज्ञानिक आरके सोरी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका नंबर नंबर बंद होने की सूचना प्राप्त हुई, इसके बाद मौसम विभाग के लैंडलाइन नंबर पर संपर्क किया गया, वह भी बंद पाया गया अर्थात बस्तर का मौसम विभाग का कार्यालय पूर्णता मृतप्राय स्थिति में होना प्रदर्शित होता है, इसकी तस्दीक बस्तर जिले के समस्त पत्रकारों के द्वारा किया जाता है तथा मजबूरन बस्तर के पत्रकार मौसम संबंधी जानकारी के लिए रायपुर से संपर्क कर खबर बनाते हैं। जहां एक ओर छत्तीसगढ़ में मानसून के प्रवेश द्वार बस्तर संभाग मुख्यालय में स्थित मौसम विभाग और उसके प्रभारी आरके सोरी से कोई जानकारी नहीं मिलना और नाम मात्र के लिए कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कर अपने कर्तव्य की इतिश्री करने में लगे हुए हैं। बस्तर के किसान मौसम की जानकारी से वंचित हो रहे है। जिला प्रशासन को चाहिए कि बस्तर के किसानों के लिए बस्तर संभाग मुख्यालय में स्थित मौसम विभाग के कार्यालय को सक्रिय करें, जिससे बस्तर संभाग के किसानों को इसका लाभ मिल सके।

उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून दक्षिण भारत के राज्यों के बाद आगे बढ़ते हुए बस्तर में मॉनसून 15 जून के आस-पास दस्तक देता है, लेकिन इस वर्ष 27 मई को मॉनसून केरल पहुंचने का अनुमान लगाया गया है, ऐसे में बस्तर में अगले 10 दिन में अर्थात 07 जून तक बस्तर के रास्ते से छत्तीसगढ़ की धरती पर मानसून के आगमन की संभावना है। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए समय से मानसून का आना और सामान्य रहना बड़ी राहत है। यहां खरीफ के फसलों का बड़ा रकबा बरसात पर ही निर्भर है। एक फसली इलाकों में यह बरसात अच्छी फसल की उम्मीद बढ़ाएगा।

मौसम विभाग के वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के अनुसार इस वर्ष केरल में मानसून की शुरूआत सामान्य से कुछ पहले यानी 27 मई से होने जा रही है। ऐसे में बस्तर में अगले 10 दिन में अर्थात 07 जून तक बस्तर के रास्ते से छत्तीसगढ़ की धरती पर मानसून के आगमन की संभावना है।

Share This Article