मुख्यमंत्री भूपेंश बघेल द्वारा मजदूर दिवस पर बोरे-बासी खाने का आग्रह रंग लाया ,,,आम जनता से लेकर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बोरे बासी खाकर मजदूर दिवस मनाया ,,,छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा मे

राजेन्द्र देवांगन
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मुख्यमंत्री भूपेंश बघेल द्वारा मजदूर दिवस पर बोरे-बासी खाने का आग्रह रंग लाया ,,, आम जनता से लेकर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बोरे बासी खाकर मजदूर दिवस मनाया ,,, छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा मे

मुख्यमंत्री भूपेंश बघेल द्वारा मजदूर दिवस पर बोरे-बासी खाने का आग्रह रंग लाया । आम जनता से लेकर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बोरे बासी खाकर मजदूर दिवस मनाया । छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा मे बासी बोरे खाने की परंपरा रही है और किसी भी समाज में चल रही परंपरा और संस्कृति उस समाज की आवश्यकताओं और.वातावरण के अनुसार पनपती है । ”

“हमर.छत्तीसगढ़ ‘की संस्कृति में यह खान-पान निसंदेह हमारी स्वास्थ्य आवश्यकताओ के अनुरूप थी और यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने इसे एक दिवस.के रूप में मनाकर उस पुरानी परंपरा को न केवल जीवित किया है बल्कि बोरे-बासी.खाने मे जो पुरानेपन और गरीबी के संकोच को एक मे वृहद रुप दे दिया है जिससे नौजवान पीढी भी अपनी खानपान की संस्कृति से परिचित हो सके और उसका मजा और फायदा दोनों ले सके ।

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