छत्तीसगढ़ से प्रकाश अनंत को पुणे (महाराष्ट्र) में मिला भारतीय समाजरत्न अवार्ड, प्रदेशवासियों में ख़ुशी की लहर

राजेन्द्र देवांगन
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पाली,शशि मोहन कोशला

-छत्तीसगढ़ से प्रकाश अनंत को पुणे (महाराष्ट्र) में मिला भारतीय समाजरत्न अवार्ड, प्रदेशवासियों में ख़ुशी की लहर
छत्तीसगढ़ प्रदेशवासियों के लिए बहुत ही गर्व का विषय है कि ग्लोबल स्कालर्स फाउंडेशन पुणे महाराष्ट्र द्वारा सम्पूर्ण भारत के प्रतिभाशाली डॉक्टर, नेता, समाजसेवक एवं महिलाओं के सम्मान में दिनांक 06 फरवरी 2022 को होटल नोवोटेल में प्रातः 10 बजे सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
फाउंडेशन के अध्यक्ष सुनील बेलगांव द्वारा प्रत्येक वर्ष देश के प्रतिभावान महिलाओं एवं पुरुषों को अलग अलग क्षेत्रों में विशेष उपलब्धियों के आधार पर सम्मानित किया जाता है। जिसमें लगभग भारत देश के 22 प्रदेशों से आए विशिष्ट लोगों को पुरष्कृत किया गया। कृषि, विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य, गणित, समाजसेवा, नारी कल्याण कार्य, विशेष लेखनकार्य, नवीन अन्वेषण आदि आधारित कार्यों पर पुरूष्कार की घोषणा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री नीलिमा मिश्रा जी (रैमन मैग्सेसे एवार्ड विनर) आमंत्रित थीं।
छत्तीसगढ़ प्रदेश से लगातार सामाजिक कार्यों में सेवारत रहने एवं निस्वार्थ भाव से संगठन को श्रेष्ठता प्रदान करने के फलस्वरूप पाली नगर , जिला कोरबा के निवासी प्रकाश अनंत को भारतीय समाजरत्न एवार्ड से सम्मानित किया गया। जिसमें उन्हें मैडल व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
श्री अनंत वर्तमान में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष (राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस एवं मानवाधिकार ए. आई. सी. सी.) के पद पर हैं। और छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिलों में पदाधिकारियों की नियुक्ति कर संगठन को उच्च पायदान पर ले जाने हेतु सतत प्रयासरत हैं।
श्री अनंत ने अपने वक्तव्य में कहा कि मैंने हमेशा निःस्वार्थ भाव से संगठन में लोगों को जोड़ने एवं जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए कमजोर से कमजोर व्यक्ति को मजबूत करने की कोशिश की है। गांव का अंतिम व्यक्ति जिसके पास प्रचार प्रसार का संसाधन नही हैं, ऐसे लोगों को भी विशेष जिम्मेदारी देकर प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया है। और उनके प्रत्येक विचार, कार्य जिम्मेदारी हेतु उन्हें सक्षम बनाने में कोई कसर नही छोड़ी है। और आज परिणाम यह है कि वही गांव का अंतिम व्यक्ति जिला अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी बन अपने जिले, राज्य को गौरवान्वित कर रहा है। उन्होने आगे कहा कि यही उदाहरण स्वयं मेरे ऊपर भी लागू होता है, आज आप लोगों के सामने जो प्रकाश अनंत खड़ा है, वह किसी बड़े शहर, महानगर से नही है, ना ही किसी विधायक, मंत्री का बेटा है। मैं एक सामान्य परिवार से हूँ, मेरे पिताजी पंचायत विभाग में एक सामान्य पद पर थे जो अभी पिछले 12 वर्षों से सेवानिवृत्त हैं, मैंने अपनी सोच, अपने भाव अपनी विचारों को कभी भी किसी भी परिस्थिति में मरने नही दिया, बल्कि विकट परिस्थितियों में भी मैंने अपने विचारों को एक नई उड़ान दी है, जिसका परिणाम यह है कि आज मुझे छत्तीसगढ़ से आमंत्रित कर महाराष्ट्र में पुरस्कृत किया जा रहा है। मैं फाउंडेशन के अध्यक्ष व पूरी टीम का आभार प्रकट करता हूँ, एवं शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ जिस उद्देश्य से फाउंडेशन काम कर रहा है, भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान मिले।
श्री अनंत जी ने अपने वक्तव्य में आगे कहा कि मैं छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जनमानस का ऋणि हूँ, जिन्होंने मुझे समय समय पर यह सीखने का मौका दिया कि कठिनाई तभी आती है जब उनका समाधान निर्धारित हों। मैं उन सभी लोगों का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मुझे कठिनाइयों का एहसास कराया। आज उनके बदौलत मुझे अन्य राज्य में अपने प्रदेश अपने जिले अपने नगर का नाम रौशन करने की उपलब्धि मिली। मैं धन्यवाद देना चाहूंगा प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी का जिनके कार्य की प्रशंसा देश, विदेश में हो रही है। उनके आदर्शो पर ही हर व्यक्ति को हौसला मिलता है। और नई नई उपलब्धियों से छत्तीसगढ़ गढ़ रहा है।

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