बाड़ी में काम कर रहे ग्रामीण को हाथी ने कुचला,,, मौके पर ही मौत

राजेन्द्र देवांगन
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बाड़ी में काम कर रहे ग्रामीण को हाथी ने कुचला,,, मौके पर ही मौत

शशि मोहन:-कोरबा। वन मंडल कोरबा के सीमावर्ती इलाके में हुई घटना में मादा हाथी ने एक ग्रामीण को पैरो तले कुचल डाला। मौके पर उसकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम से आसपास के इलाके में भय का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारियों ने इस इलाके का दौरा किया। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वन मंडल कोरबा के ग्राम कल्मीटीकरा से लगकर स्थित इलाके में हुई घटना में नरकालो को एक ग्रामीण का जीवन समाप्त हो गया। बताया गया कि वह कोसा प्लांटेशन में जरूरी काम करने गया हुआ था। इसी दौरान मादा हाथी विचरण करते हुए इस इलाके तक पहुंच गई और ग्रामीण को निशाने पर लिया। उसे मौके पर पटक देने से ग्रामीण की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। देर रात तक ग्रामीण अपने घर नहीं पहुंचा तो उसके परिजन चिंतित हुए। उन्होंने खोजबीन का काम आज सुबह शुरू किया। इस दौरान कल्मीटिकरा क्षेत्र के लोगों ने एक स्थान पर ग्रामीण को मृत स्थिति में देखा और इस बारे में वन विभाग के कर्मियों को जानकारी दी। आगे की खोजबीन में पता चला कि संबंधित व्यक्ति नरकालो गांव का है जो गत रात्रि मादा हाथी के कहर के चक्कर में जान गंवा बैठा। धरमजयगढ़ के रेंजर और अन्य अधिकारियों ने आज सुबह घटना स्थल का दौरा किया। क्षेत्र की पुलिस भी यहां पहुंची। मामले में मर्ग कायम करने के साथ पीडि़त का शव कब्जे में लिया गया और उसे परीक्षण की कार्यवाही के लिए भेज दिया गया,मृतक के परिजनों को प्रारंभिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। वन्य प्राणियों के हमले में होने वाली मौत के मामले में कुल 6 लाख रुपए की राशि दिया जाना प्रावधानित है। शेष अंतर की राशि 5 लाख 75 हजार रुपए का भुगतान प्रकरण तैयार करने और अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद किया जाएगा।कोरबा सहित आसपास के सीमा क्षेत्र में झारखंड व ओडि़सा के रास्ते से आने वाले हाथियों के उत्पात और नुकसान की समस्या अब तक जस की तस कायम है। एक दशक से भी ज्यादा समय इस समस्या को हो गया है। इस दौर में वन विभाग ने अलग-अलग स्तर पर हाथियों के उन्मूलन की दिशा में काम किया। हाथी प्रशिक्षक से लेकर पावर फेंसिंग, बी-हाईव से लेकर कई फार्मूले अपनाए गए। इन सबके बावजूद हाथियों का कोरबा और निकटवर्ती वनमंडल के क्षेत्रों में पहुंचने के साथ नुकसान पहुंचाना जाना है।

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