वन परिछेत्र जटगा रेंज के वन भूमि पर भू माफियाओं का अवैध कब्जा, प्रशासन मौन
पंकज भरद्वाज-कोरबा/कटघोरा वन मंडल के अधिकारियों की अनदेखी के चलते अवैध कब्जा किये गए निर्माण पर कब होगी कार्यवाही कुछ दिन पहले की बात है मेंन रोड सुतर्रा में नेशनल हाइवे रोड शहर से लगे वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया जा रहा था, जटगा रेंज में नया प्रभारी रेंजर आया है तब से यह रुका हुआ कार्य फिर से प्रगति पकड़ ली है।और निर्माण कार्य जारी है,यह वन मंडल कटघोरा के वन परिछेत्र जटगा रेंज में आता है,वन भूमि पर अवैध कब्जा कर दीवाल खड़ा किया जा रहा,वर्तमान रेंजर द्वारा कोई कार्यवाही नही की जा रही है लगता है मौन सहमति से यह कार्य प्रगति पर है , जिस पर विभाग कोई कार्यवाही नही करना चाहता,रसूख़ के चलते भू-माफियों के हौसले बुलंद प्रशासन इस वनभूमि पर अतिक्रमण करने पर कोई ठोस कदम नही उठा रही है वन परिछेत्र जटगा में अवैध अतिक्रमण की कार्यवाही को लेकर प्रशासनिक अमला एक्टिव मोड़ में नही दिख रहे, जिसकी वजह से वन भूमि पर अतिक्रमण बढ़ रहा है।ले में रसूखदार और भू-माफियों पर शासन/प्राशासन मेहरबान स्थानीय निवासियों की माने तो शासन और प्रशासन कब्जा की हुई भूमि पर खाली कराने की कोशिश जिले में लगातार चल रही है,भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 80 ए, के अवलोकन से बिल्कुल स्पष्ट है कि उसके अंतर्गत वन भूमि पर अवैध कब्ज़े को हटाने व अन्य कार्यवाही अभियोजन की कार्यवाही के समांतर की जा सकती है,उक्त धारा के अंतर्गत अधीन की जाने वाली कोई कार्यवाही बाधा नही है,वन अधिनियम में वनसंरक्षण की अधिनियमों के अधिहरण है। अब यह देखना होगा कि विभागीय अधिकारी इसमे कार्यवाही करते है ,या नही,यदि कार्यवाही होता है तो स्पष्ट हो जाएगा कि अधिकारी निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही की है ,यदि नही होती है कार्यवाही तो अधिकारी के मिलीभगत से यह कार्य संभव है।


