राज्य की प्रथम ई-विधिक सेवा मेगा कैम्प सीरीज का वर्चुअल उद्धघाटन

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

कोविड 19 के संक्रमण के दौर में राज्य विधिक प्र्राधिकरण की अभिनव पहल

31-अक्टूबर,2020

बिलासपुर-{सवितर्क न्यूज़} नालसा अंतर्गत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा आज राज्य की प्रथम ई-मेगा कैम्प सीरीज का आयेाजन किया जा रहा है। इसका उद्घाटन आज विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष एवं हाईकोर्ट के जज जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने किया। उन्होंने कहा कि वंचितों को आर्थिक एवं सामाजिक न्याय दिलाने के लिए ई-मेगा विधिक सेवा कैम्प एक अभिनव पहल है। न्याय सिर्फ अदालत तक सीमित नहीं है बल्कि इसकी विस्तृत परिभाषा है।
विभिन्न विभागों के सहयोग एवं समन्वय से ई मैगा कैम्प सीरीज राज्य के 23 जिलों एवं 64 तालिकाओं में आयोजित किया गया है। कैम्प की शुरूआत में ही 4 लाख 40 हजार से अधिक हितग्राहियों को एक सौ ग्यारह करोड़ रूपये का लाभ पहुंचाया गया। कैम्प के उदघाटन के अवसर पर जस्टिस मिश्रा ने अपने उद्बोधन मे कहा कि ई-मेगा कैम्प जन जागरूकता के लिए एक अभिनव प्रयास है।

वर्तमान कोविड की परिस्थिति में विधिक साक्षरता की गतिविधियां ई प्लेटफार्म पर हो रही है। राज्य में पहली ई-लोक अदालत सफल रूप से आयोजित होने के पश्चात् ई-मेगा कैम्प पर विचार किया गया। जब-जब विकट स्थिति उत्पन्न होती है तो कंधे से कंधा मिलाकर कार्यपालिका और न्यायपालिका यह प्रयास करते है कि अंतिम छोर के व्यक्तियेां को उनका अधिकार दिलाये। कोविड की परिस्थिति से निपटने के लिए सरकार अपना कार्य बखूबी कर रही है लेकिन इस परिस्थिति में योजनाओं को पहुचाने के लिए ई -मेगा कैम्प एक अच्छा प्लेटफार्म है। उन्होंने बताया कि पैरालिगल वालिंटियर्स जमीनी स्तर पर जाकर जरूरत मंद लोगों तक योजनाएं पहुचाने के लिए प्रयास कर रहे है। इस कैम्प के माध्यम से यदि किसी व्यक्ति को तत्काल लाभ मिल रहा है तो यह इसकी बड़ी सफलता है। उन्होंने बताया कि ई-मेगा कैम्प के माध्यम से शासन की योजनाओं को गरीबों तक पहुंचाने के लिए पूरे नवम्बर माह तक कार्यवाही जारी रहेगी।
उद्घाटन कार्यक्रम में उपस्थित हाईकोर्ट कम्प्यूटराईजेशन कमेटी के चेयरमेन जस्टिस मनीन्द्र मोहन श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोविड की परिस्थिति में यह एक चुनौती से भरा प्रयास है। राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लोगों तक न्याय पहुंचाने के लिए नयी नयी योजनाएं बनाती है लेकिन इसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।
हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के चैयरमेन जस्टिस गौतम भादुड़ी ने कहा कि शासन के सभी अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एक प्लेटफार्म पर आये हैं। हितग्राहियों को जागरूक करना नालसा का मुख्य उद्ददेश्य है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस कैम्प के माध्यम से लाभ पहुँचाना चाहिए।
सद्भावना श्रृखंला का शुभारंभ
इस अवसर पर सद्भावना श्रृंखला लांच की गई। यूट्यूब के माध्यम से जनचेतना चैनल संचालित कर विभिन्न कानूनों की जानकारी से संबंधित विडियों इसमें अपलोड किये जा रहे है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अंध, मूक बधिर निःशक्तों के लिए सद्भावना विधिक श्रृंखला आज से चालू की गई है।
उद्घाटन अवसर पर प्रभारी रजिस्टार दीपक तिवारी, हाईकोर्ट के महाधिवक्ता सतीश चन्द्र वर्मा, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव सिद्धार्थ अग्रवाल, रजिस्ट्री के अधिकारी, हाईकेार्ट अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, सहित वीसी के माध्यम से सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी, प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

Share This Article