Action on the basis of fake bills | फर्जी बिलों के आधार पर कार्रवाई: 92 करोड़ की जीएसटी चोरी मामले में 2 कारोबारी अरेस्ट – Raipur News

राजेन्द्र देवांगन
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CG GST Evasion: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़े जीएसटी (GST) घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (Directorate General of GST Intelligence – DGGI) की रायपुर जोनल यूनिट ने 92 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी (Tax Evasion) के मामले में दो कारोबारियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अजय ट्रेडर्स के संचालक अजय सिंह और शुभम सेल्स के संचालक शुभम कुमार शामिल हैं.

कई फर्जी कंपनियों से फर्जी खरीदी को दर्शाया

जानकारी के अनुसार, दोनों फर्मों ने दिल्ली की कई फर्जी कंपनियों से फर्जी खरीद दर्शाते हुए क्रमशः 94 करोड़ और 41 करोड़ रुपये की इनवॉइसिंग की. इन फर्जी बिलों के आधार पर 24 करोड़ रुपये से अधिक का इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit – ITC) क्लेम किया गया था.

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कागजों में दिखाए गए एमएस टीएमटी, एमएस एंगल और एमएस चैनल जैसे माल की न तो कोई वास्तविक डिलीवरी हुई थी और न ही परिवहन के कोई साक्ष्य मौजूद थे.

जांच में भारी अनियमितताएं पाई गईं

डीजीजीआई की टीम ने फर्मों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की गहन जांच की, जिसमें भारी अनियमितताएं पाई गईं. अधिकारियों ने बताया कि यह पूरा मामला फर्जी बिलिंग (Fake Billing) और बोगस कंपनियों के जरिए टैक्स चोरी को अंजाम देने से जुड़ा है. डीजीजीआई की इस कार्रवाई को देशभर में फर्जी जीएसटी रैकेट के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा बताया जा रहा है.

गिरफ्तारी के बाद दोनों कारोबारियों के खिलाफ जीएसटी अधिनियम (GST Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई उन व्यापारियों के लिए चेतावनी है जो फर्जी दस्तावेजों और आईटीसी के माध्यम से टैक्स चोरी करने की कोशिश करते हैं. विभाग की छानबीन जारी है और यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस रैकेट से जुड़ी अन्य फर्में भी जल्द सामने आ सकती हैं.

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