1 मार्च से बदलने वाले हैं भारतीय रेलवे के नियम? वेटिंग टिकट पर अधिकारियों ने दिया बड़ा अपडेट

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 1 मार्च, 2025 से रेल यात्रा के नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा. जो नियम पहले से लागू थे, वही जारी रहेंगे.

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने इन नियमों को दोबारा स्पष्ट किया है.

रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ये खबर भ्रामक है कि 1 मार्च से रेल यात्रा के नियमों में कोई बदलाव होने जा रहा है. सभी नियम वही रहेंगे जो पहले से चले आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि सिर्फ काउंटर टिकट वाले यात्री ही जनरल कोच में यात्रा कर सकते हैं. ऑनलाइन वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को जनरल कोच में भी यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी. ट्रेन छूटने से आधे घंटे पहले तक काउंटर वेटिंग टिकट पर रिफंड लिया जा सकता है.

रिजर्वेशन से जुड़े नियम

रेल यात्री अपनी यात्रा से 60 दिन पहले रिजर्वेशन करा सकते हैं. यह नियम पिछले साल लागू किया गया था, जिससे कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी हुई है. पहले टिकट बुकिंग 120 दिन पहले होती थी, लेकिन लगभग 25% यात्री अपनी यात्रा कैंसिल कर देते थे.

विशेष परिस्थितियों में नियमों में छूट

रेलवे यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ मामलों में लचीला रुख अपनाता है, हालांकि ये छूट नियमित नियम नहीं हैं. स्लीपर और एसी कोच में वेटिंग टिकट वाले यात्री यात्रा नहीं कर सकते, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में टीटी अनुमति दे सकता है. यदि एक ही PNR पर एक से अधिक टिकट हैं और उनमें से कोई एक टिकट कन्फर्म हो जाता है, तो वेटिंग टिकट वाले यात्री यात्रा नहीं कर सकते. हालांकि, टीटी अमूमन एक कन्फर्म सीट पर अधिकतम दो वेटिंग टिकट धारकों को अनुमति दे देता है. ऐसे मामलों में रेलवे को सूचना दी जाती है ताकि वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को रिफंड न दिया जाए.

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे की पहल


रेलवे मौजूदा नियमों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं कर रहा है, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यकतानुसार लचीलापन बरतता है. अगर आपकी यात्रा में कोई समस्या आती है, तो रेलवे अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं.

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