नौकरी दिलाने के नाम पर 29 लाख से अधिक धोखाधड़ी, पीड़ितों थाने में की शिकायत

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर.एक बार फिर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें शातिर जालसाज ने 9 लोगों को अपना शिकार बना कर 29 लाख 40 हजार रुपए की धोखाधड़ी की गई। वहीं इस मामले में बाक़ायदा एग्रीमेंट भी बनवाया गया है, जिसके आधार पर ही पीड़ितों ने पुलिस के पास शिकायत करते हुए अपने पैसे वापस दिलाने और धोखेबाज करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर निवासी सुशील कुमार साहू पिता काशी राम साहू, सुशील कुमार साहू पिता काशी राम बिलासपुर उत्तम साहू पिता घासीराम साहू बिरगहनी, चांदी देवांगन पति राधेश्याम चाम्पा, इन्द्रकुमार कर्रे पिता भागीरथी पिपरतराई, गणेश कुमार पिता कृष्ण कुमार टेकारी, रवि कुमार यादव पिता रामकुमार यादव मस्तुरी, राकेश कुमार पिता रामकुमार यादव मस्तुरी, विषेसर लाल देवांगन पिता जवाहर लाल बिलासपुर और वेद प्रकाश वर्मा पिता नंदवर्मा रायपुर की पहचान शैल विहार मंगला निवासी कपिलेश्वर पूरी गोस्वामी पिता गुरुदत्त गोस्वामी उम्र 33 वर्ष से हुई जिसने अपनी पहुँच मंत्रालय में होने का झांसा देते हुए सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और सभी से कुल 29 लाख 40 हजार रुपये की ठगी कर ली। शातिर आरोपी ने बाकायदा बाबू की पोस्ट के लिए 7 लाख रुपए और चपरासी की पोस्ट के लिए 6 लाख रुपए प्रति व्यक्ति के अनुसार पैसों की डिमांड की थी। जिसमें एडवांस के रूप में पहले 2 से 3 लाख रुपए लिए थे। वही इस लेन देन को लेकर एक एग्रीमेंट भी तैयार प्रार्थियों के द्वारा कराया गया था, जिसमें काम न होने या पैसे नही लौटाने पर संपत्ति कुर्क कर रकम की वसूली करने की बात दर्ज है। इसके बाद भी आरोपी ने सभी को ऐसे भरोसे में लिया जैसे वह सच बोल रहा हो। लेन देन के लगभग 1 साल बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़ितों को अपने साथ ठगी और धोखाधड़ी का अहसास हुआ। जिसके बाद सभी ने इस मामले की शिकायत आईजी से की और अब इस मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में जुट गई है।

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