सीजीपीएससी 2021 भर्ती घोटाला: सीबीआई ने डिप्टी कलेक्टर शशांक गोयल और उनकी पत्नी को किया गिरफ्तार

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती परीक्षा 2021 में हुई अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच तेज करते हुए रविवार को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में डिप्टी कलेक्टर शशांक गोयल, उनकी पत्नी भूमिका कटियार और डीएसपी साहिल सोनवानी शामिल हैं।

गिरफ्तार किए गए शशांक गोयल बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण गोयल के बेटे हैं, जबकि भूमिका कटियार उनकी बहू हैं। गौरतलब है कि 2021 के परीक्षा परिणाम में शशांक गोयल और भूमिका कटियार क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर थे। इन तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से एक दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया।

इससे पहले शनिवार को सीजीपीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के भतीजे नितेश सोनवानी (डिप्टी कलेक्टर) और पूर्व डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर ललित गनवीर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था। फिलहाल, अब तक कुल सात आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।

क्या है पूरा मामला?

सीजीपीएससी में 2019 से 2022 तक हुई भर्तियों को लेकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा) और अर्जुंदा पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया था।

आरोप है कि नेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदारों को पैसों के लेन-देन के आधार पर डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे पदों पर नियुक्त किया गया

भर्ती परीक्षाएं:

  • 2020 में 175 पदों पर भर्ती
  • 2021 में 171 पदों पर भर्ती

सीबीआई की जांच में सामने आया है कि सीजीपीएससी के तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी ने अपने करीबी लोगों, नेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदारों को अनुचित तरीके से चयन सूची में शामिल कराया।

कैसे हुआ घोटाला?

सीबीआई के मुताबिक, टामन सिंह सोनवानी ने कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के 18 रिश्तेदारों को अवैध रूप से नौकरी दिलवाई।

गिरफ्तार किए गए शशांक गोयल और भूमिका कटियार को डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित कराने के लिए सोनवानी के करीबी एनजीओ को सीएसआर फंड से 45 लाख रुपये दिए गए थे।

पैसों के लेन-देन का तरीका:

  • पहली किस्त: 20 लाख रुपये
  • दूसरी किस्त: 25 लाख रुपये

इस घोटाले की परतें खुलने के बाद सीबीआई लगातार नए साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारियों का दायरा बढ़ा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Share This Article