ओडिशा के पूर्व मंत्री नबा दास के बेटे समेत 22 लोग हिरासत में, बीजेडी ने बताया राजनीतिक साजिश

राजेन्द्र देवांगन
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महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सरायपाली पुलिस ने ओडिशा के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री नबा दास के बेटे विशाल दास समेत 22 लोगों को गुरुवार रात हिरासत में लिया। ये सभी शुक्रवार सुबह किरमिरा ब्लॉक अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में मतदान करने वाले थे। इस कार्रवाई को लेकर बीजू जनता दल (बीजेडी) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।

लॉज में तोड़फोड़ का आरोप, पुलिस ने किया मामला दर्ज

महासमुंद एसपी आशुतोष सिंह के मुताबिक, ओडिशा के कुछ लोगों के एक लॉज में ठहरने और वहां तोड़फोड़ करने की शिकायत मिली थी। पुलिस ने इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए इन्हें हिरासत में लिया और पूछताछ की। एसपी ने कहा कि “राजनीतिक साजिश का आरोप निराधार है।”

हिरासत में लिए गए लोगों में सरपंच और पंचायत सदस्य शामिल

पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में सरपंच, समिति सदस्य और पंच शामिल थे। ग्राम पंचायत बनपाली (ओडिशा) के सरपंच तपी मरैई ने दावा किया कि वे सरायपाली घूमने आए थे, लेकिन ओडिशा की लैकेरा पुलिस ने झूठे मामले में गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ पुलिस को सौंप दिया।

राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप

बीजेडी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है ताकि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान मतदान को प्रभावित किया जा सके। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में हिरासत में लिए गए कुछ लोगों ने भी इस कार्रवाई को साजिश बताया है।

पूछताछ के बाद 22 लोगों को नोटिस देकर छोड़ा गया

सरायपाली थाना प्रभारी असरार अली के अनुसार, “विशाल दास सहित 22 लोगों को शाम चार बजे नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। इन पर लॉज में तोड़फोड़ और पुलिस से गाली-गलौच करने का आरोप था। सभी हिरासत में लिए गए लोग पुरुष थे।”

इस मामले को लेकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है, और बीजेडी ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया है।

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