दिसंबर के बीच लग सकती है आचार संहिता: महापौर दावेदारों को वार्ड आरक्षण का इंतजार, निकायों में OBC को आबादी के मुताबिक 50% तरजीह

राजेन्द्र देवांगन
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छत्तीसगढ़ में निकाय चुनावों के मद्देनजर आचार संहिता लागू की जाएगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो 15 से 20 जनवरी के बीच इसे लागू किए जाने की तैयारी है। माना जा रहा है कि निकाय चुनाव के लिए वोटर लिस्ट 11 दिसंबर को फाइनल कर ली जाएगी।

16 दिसंबर से 20 तक प्र.नगरीय निकायों को लेकर जब 11 दिसंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। इसके तीन से चार दिन बाद वार्डवार आबादी के अनुरूप आरक्षण की सूची आएगी। ये तय होगा कि किस वार्ड से ओबीसी, SC-ST नेता चुनाव लड़ेंगे।

महापौर और पालिका अध्यक्ष बनने का सपना पाले हुए भाजपा और कांग्रेस के दावेदार इसीका इंतजार कर रहे हैं।राजभवन से अध्यादेश जारी अपनी कैबिनेट बैठक में सरकार ने निकायों में 50 प्रतिशत आबादी के हिसाब से OBC आरक्षण देने का फैसला लिया था।

अब इसे राज्यपाल की सहमति से राजपत्र में शामिल कर दिया गया है। इससे पहले OBC को 25 प्रतिशत तक तरजीह दी जाती रही है। अब नए नियमों के मुताबिक कहा गया है कि आबादी के अनुसार 50 प्रतिशत तक OBC को तरजीह दी जा सकेगी। मगर ये भी शर्त रखी गई है कि जिन इलाकों में ST-SC का जहां पहले से ही आरक्षण 50 % या इससे ज्यादा है तो वहां OBC को आरक्षित नहीं किया जाएगा।

अध्यादेश में आबादी के मुताबिक OBC को 50 प्रतिशत तक आरक्षण।अब इससे ये माना जा रहा है कि रायपुर में OBC वर्ग के लिए कुछ वार्ड आरक्षित हो जाएंगे। शहर में कई ऐसे इलाके हैं जहां OBC आबादी अधिक रहती है, तो OBC वार्ड की संख्या बढ़ेगी।

जिन इलाकों में आदिवासी आबादी अधिक हैं वहां OBC को मौका मिलने से रहा। राज्य बनने के बाद हुए चुनाव नगर निगमों में अब तक के महापौर नगरीय निकाय200420102015-162019-20रायपुरसुनील सोनी (बीजेपी)किरणमयी नायक (कांग्रेस)प्रमोद दुबे (कांग्रेस)एजाज ढेबर (कांग्रेस)कोरबा लखन लाल देवांगन (बीजेपी)जोगेश लाम्बा(बीजेपी)रेणु अग्रवाल (कांग्रेस)राजकिशोर प्रसाद (कांग्रेस)चिरमिरी सुभाषिनी सिंह (कांग्रेस)डमरू बेहरा (बीजेपी)के डमरू रेड्डी (निर्दलीय)कंचन जायसवाल (कांग्रेस)जगदलपुर गितेश मल(बीजेपी)किरण देव (बीजेपी)जतिन जायसवाल (कांग्रेस) सफीरा साहू (कांग्रेस से भाजपा में गईं)दुर्ग सरोज पाण्डेय (बीजेपी)डॉ शिव कुमार तमेर (बीजेपी)चंद्रिका चंद्राकर (बीजेपी)धीरज बाकलीवाल (कांग्रेस)भिलाई विद्यारतन भसीन(बीजेपी)निर्मला यादव(कांग्रेस)देवेन्द्र यादव (कांग्रेस)नीरज पाल (कांग्रेस)भिलाई-चरोदा–चंद्रकांता माण्डले (बीजेपी)निर्मल कोसरे (कांग्रेस)रिसाली—शशि सिन्हा (कांग्रेस)राजनांदगांव शोभा सोनी(बीजेपी)नरेश डाक लिया (कांग्रेस)मधुसूदन यादव (बीजेपी)हेमा देशमुख (कांग्रेस)रायगढ़ जेठूराम मनहर (कांग्रेस)महेन्द्र चौहथा (बीजेपी)मधु किन्नर (निर्दलीय)जानकी काटजू (कांग्रेस)अंबिकापुर प्रबोध मिंज(बीजेपी)प्रबोध मिंज(बीजेपी)डॉ अजय कुमार तिर्की (कांग्रेस)डॉ अजय कुमार तिर्की (कांग्रेस)धमतरी–अर्चना चौबे (बीजेपी)विजय देवांगन (कांग्रेस)बिलासपुर अशोक पिंगले (बीजेपी)वाणी राव (कांग्रेस)किशोर राय (बीजेपी)रामशरण यादव (कांग्रेस)बीरगांव–अंबिका यदु (बीजेपी)नंदलाल देवांगन (कांग्रेस)नोट: भिलाई-चरोदा,भिलाई, रिसाली और बीरगांव नगर निगम में चुनाव अलग समय पर होते हैं।मैं लडूंगा चुनाव- ढेबर रायपुर में महापौर पद को लेकर अपनी दावेदारी खुलकर वर्तमान महापौर एजाज ढेबर ने पेश कर दी है। उन्होंने मीडिया से कहा- हमारा संगठन तय करता है कि कौन चुनाव लड़ेगा। यदि मुझे बोला जाएगा तो मैं भी चुनाव लड़ूंगा और स्वाभाविक है कि मैं वर्तमान में महापौर हूं तो फिर महापौर की टिकट मांगूंगा। हालांकि आरक्षण सामान्य तय होगा तो दावेदारी हमारी भी रहेगी।

मैं इस बात को जवाबदारी के साथ कहना चाहता हूं कि कोई भी चुनाव लड़े, रायपुर में महापौर कांग्रेस पार्टी का ही बनेगा।भाजपा-कांग्रेस के नेता वेट एंड वॉच स्थिति में चूंकि आरक्षण सूची जारी होनी है। इसमें ये तय होता है कि पार्षद का चुनाव अलग-अलग वार्ड से OBC, महिला, ST या SC वर्ग का कैंडिडेट ही लड़ेगा।

इसी तरह इस बार माना जा रहा है महापौर पद को लेकर भी प्रदेश की सभी नगर निगमों में ये तय किया जाएग। इस वजह से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेताओं को आरक्षण आदेश का इंतजार है। हालांकि दाेनों ही दलों के नेताओं ने अपने स्तर पर लॉबिंग शुरू कर दी है।

चरणों में होगा चुनाव EVM के साथ बैलेट पेपर भी साल 2019 में हुआ पिछला नगर निगम चुनाव बैलेट पेपर से हुआ था। इस बार चर्चा है कि नगर निगम, पालिका और पंचायत ये तीनों के चुनाव एक साथ होंगे। एक साथ इनका एलान होगा,हालांकि ये अलग-अलग चरण में होंगे। शहरी चुनाव यानी की नगर निगम के चुनावों में EVM और पंचायत के चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है।

बैलेजट पेपर की जरुरत इस वजह से पड़ सकती है क्योंकि अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे। पिछली बार निकाय चुनाव में मतदाताओं ने एक-एक वोट डाले थे लेकिन इस बार पार्षद और मेयर तथा अध्यक्ष के लिए अलग-अलग वोट डाले जाएंगे।इन नामों की चर्चा भाजपा से मीनल चाैबे , संजय श्रीवास्तव, मृत्युंजय दुबे, केदार गुप्ता, अमित चिमनानी, उमेश घोरमाेड़े, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, सुभाष तिवारी,सूर्यकांत राठौर, अमित साहू जैसे नामों की चर्चा है।

ये शहरी मुद्दों पर राजनीति करते हैं। इसमें से कुछ पूर्व पार्षद, पार्षद, निगम में सभापति रह चुके हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस से एजाज ढेबर, प्रमोद दुबे, नागभूषण राव और सन्नी अग्रवाल, आकाश तिवारी, श्री कुमार मेनन, ज्ञानेश शर्मा, किरणमयी नायक, निशा देवेंद्र यादव जैसे नामों की चर्चा है। हालांकि इन सभी का भविष्य आरक्षण सूची पर आधारित है। माना जा रहा है

रायपुर से OBC नेताओं को ही अधिक मौका मिल सकता है।13 में कांग्रेस प्रदेश की 14 में से 13 नगर निगमो में इस वक्त कांग्रेस के महापौर हैं। हालांकि जब चुनाव हुए थे साल 2019 में तब जगदलपुर की महापौर सफिरा साहू ने कांग्रेस से ही चुनाव जीता था। वो अब भाजपा में हैं। पिछली बार जनता ने पार्षदों को चुना था। पार्षदों ने महापौर चुने थे।

इस बार जनता पार्षद और महापौर दोनों को खुद वोट देगी।2019-20 के चुनाव में जगदलपुर की महापौर कांग्रेस में भी अब वो भाजपा में है तो कांग्रेस के पास अब 13 नगर निगम में अपने महापौर हैं।ये खबर पढें मेयर और नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव डायरेक्ट होगा:नगर पंचायत में अध्यक्ष भी जनता चुनेगी; साय कैबिनेट ने लिया फैसला छत्तीसगढ़ में साय कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला लिया है।

नगरीय निकाय चुनावों में अब मेयर और अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होगा। यानी पार्षद के साथ ही मेयर और अध्यक्ष के लिए भी जनता ही वोट करेगी। 6 दिन में दूसरी बार सोमवार को साय कैबिनेट की बैठक हुई है।

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