नागरिक संविधान में प्रदत्त अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी समझें : अरुण साव

राजेन्द्र देवांगन
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रायपुर।  उप मुख्यमंत्री तथा विधि एवं विधाई कार्य मंत्री  अरुण साव संविधान दिवस पर नवा रायपुर स्थित हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू) में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के संविधान में प्रत्येक नागरिक को बराबर अधिकार दिए गए हैं। हमारा संविधान किसी ग्रन्थ से कम नहीं है। यह हमारा सर्वोच्च ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रस्तावना संविधान की आत्मा है। इसका मूल तत्व संविधान की प्रस्तावना से स्पष्ट होता है। एचएनएलयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानंदन, प्रो. योगेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. एन.एल. मित्रा, डॉ. रणवीर सिंह और  विपिन कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यक्रम में कहा कि सामान्यतः लोग संविधान में नागरिकों को दिए गए अधिकारों की ही बात करते हैं। लेकिन मौलिक कर्तव्यों पर चर्चा नहीं होती है। हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों पर भी चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संविधान की प्रस्तावना का पाठ कराया तथा ‘सीजी लर्न’ का लोगो भी लॉन्च किया।

साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘सीजी लर्न’ से विधि क्षेत्र में नया आयाम स्थापित होगा। इससे विधि की शिक्षा और शोध कार्यों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में विधि के शिक्षण संस्थानों को आपस में चर्चा करने को कहा। यह विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगा। सभी शिक्षण संस्थान मिलकर काम करेंगे, तो राज्य में विधि की शिक्षा नई ऊंचाईयों पर पहुंचेगी और छत्तीसगढ़ का देश में नाम रोशन होगा।

 

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