नक्सली बंद का असर : बीजापुर में पसरा सन्नाटा, बसों के थमे पहिए..!

राजेन्द्र देवांगन
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नक्सली बंद का असर : बीजापुर में पसरा सन्नाटा, बसों के थमे पहिए..!
बीजापुर। नक्सल प्रभावित क्षेत्र बीजापुर में नक्सल बन्द का असर देखने को मिल रहा है। सुबह से ही यात्री बसों के पहिये थमें हुए हैं। नक्सलियों ने फर्जी मुठभेड़ के खिलाफ आज बीजापुर बन्द का आह्वान किया है। उन्होंने वाहन संचालक को वाहन संचालन न करने और व्यापारियों को व्यापारिक संस्थान न खोलने की चेतावनी दी थी। नक्सलियों ने बीजापुर में हुए मुठभेड़ को फर्जी बताया है और शनिवार को जिला बंद का आह्वान किया है, जिसका असर देखने को मिल रहा है। नक्सलियों की दी चेतावनी के बाद बस संचालकों ने नक्सली दहशत के चलते सभी यात्री बसों को बीजापुर बस स्टैंड में ही रोक रखा है। जिला मुख्यालय से लेकर भोपालपट्टनम, आवापल्ली, भैरमगढ़ तक व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे.यही नहीं इन इलाकों में यातायात व्यवस्था भी पूरी तरीके से ठप रही.
साप्ताहिक बन्द के बावजूद नक्सली दहशत के कारण छोटे-छोटे दुकान भी बन्द हैं। मुठभेड़ के खिलाफ बंद का आह्वान
उल्लेखनीय है कि, बीजापुर जिले के चिपुरभट्टी में हुए मुठभेड़ को नक्सलियों ने फर्जी बताकर आज बीजापुर जिले में बंद का आह्वान किया है। नक्सलियों ने जवानों पर दो पार्टी कार्यकर्ता समेत 6 निहत्थे लोगों को गोली मारने का आरोप लगाया है।
नक्सलियों ने जवानों पर लगाया ग्रामीणों की हत्या का आरोप लगाया था
दरअसल, दक्षिण बस्तर डिविजन कमेटी के सचिव गंगा ने बयान जारी किया था। नक्सलियों का कहना है कि, जगरगुंडा एरिया कमेटी की सीएमएम अध्यक्ष गंगी और पीएल 9 पार्टी सदस्य नागेश चिपुरभट्टी में ग्रामीणों की बैठक लेने गए थे। नक्सलियों का आरोप है कि, जवानों ने सुबह 4 बजे सोये हुए कार्यकर्ता को निहत्थे पकड़कर गोली मार दी। वहीं खेतों में महुआ और मवेशियों को चराने वाले 4 ग्रामीणों को भी मुठभेड़ में गोली मारने का आरोप लगाया है। इसी के चलते आज सुकमा-बीजापुर जिला बंद का आह्वान किया था, जिसका व्यापक असर देखने को मिल है।

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