Bhojshala survey : नहीं रुकेगा भोजशाला सर्वे, मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका, जानें कोर्ट ने क्या कहा…!

राजेन्द्र देवांगन
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Bhojshala survey : नहीं रुकेगा भोजशाला सर्वे, मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका, जानें कोर्ट ने क्या कहा…!
मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर पर शुक्रवार से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की पांच सदस्यीय टीम द्वारा सर्वे शुरु कर दिया गया है तो वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय की एक सोसायटी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका भी लग गया है। कोर्ट ने भोजशाला में शुरु हुए सर्वे को रोकने की याचिका को खारिज कर दिया है।
आपको बता दें कि हिन्दू फार जस्टिस संस्था ने पिछले दिनों इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए भोजशाला में पूजा का पूर्ण अधिकार देने और नमाज बंद करने की मांग की थी। इसपर गुरुवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुक्रवार यानी आज से एएसआई सर्वे के आदेश दिए थे। इसी आदेश के तहत केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण की पांच सदस्यों की टीम ने भोजशाला पहुंचकर सर्वे शुरु कर दिया है।
हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस संस्था के वकील गिरीश दुबे ने बताया कि एएसआई सर्वे को रोकने के लिए मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस याचिका के जरिए सर्वे रोकने की मांग की गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई से इंकार करते हुए किसी भी तरह का दखल न देने की बात कही है। ऐसे में अब ये स्पष्ट हो गया है कि भोजशाला में चल रहा एएसआई का सर्वे जारी रहेगा।
SC नहीं देगा मामले में दखल
शुक्रवार सुबह 6 बजे एएसआई की पांच सदस्यीय धार की भोजशाला पहुंची और सर्वे कार्य शुरु कर दिया है। हालांकि, हालात को मद्देनजर रखते हुए इलाके में भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। वहीं, जानकारी ये भी सामने आई है कि सर्वे में मुस्लिम पक्ष अभी शामिल नहीं हुआ है। उसने जांच का विरोध किया है और वह इस जांच के पक्ष में नहीं है। हालांकि कोर्ट ने दोनों पक्ष को साथ लेकर जांच करने की बात कही है। हालांकि, मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी की ओर से आज ही सुप्रीम कोर्ट में सर्वे पर रोक लगाने की याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए मामले में दखल देने से इंकार कर दिया है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरु हुआ सर्वे
धार के ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर को लेकर हिन्दू पक्ष के दावे के बाद हाई कोर्ट ने एएसआई सर्वे कराने के आदेश दिए थे, जिससे एक बार फिर भोजशाला सुर्खियों में है। कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय पुरातत्व विभाग की पांच सदस्यीय टीम भोजशाला में सर्वे कर रही है।
5 हफ्ते में देनी है रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के ज्ञानवापी की तर्ज पर ही अब धार की भोजशाला का सर्वे कोर्ट के आदेश पर होगा। शुक्रवार को केन्द्रीय पुरातत्व विभाग की टीम इस सर्वे का काम शुरू कर दिया है और पांच हफ्तों में सर्वे को पूरा कर हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करनी है। बता दें कि धार की भोजशाला को लेकर हिंदू पक्ष का कहना है कि भोजशाला सरस्वती जी का मंदिर है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसके मस्जिद होने का दावा पेश करता है।
भोजशाला में सर्वे करने ASI की टीम सुबह साढ़े छह बजे परिसर में पहुंची। आज शुक्रवार है और नमाज का दिन है। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने नमाज के लिए दोपहर में 1 से 3 बजे तक का समय दिया है। माहौल को देखते हुए पूरे धार शहर में सुरक्षा बंदोबस्त मजबूत किए गए हैं। परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरा प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
दोपहर 1 से 3 बजे तक रोका जाएगा सर्वे
भोजशाला को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्षों का अपना-अपना दावा है। इसी के कारण बीते लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। इसी विवाद में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से कोर्ट ने इससे पहले हर मंगलवार को हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी है तो वहीं शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष को नमाज़ पढ़ने की अनुमति दी है। ऐसे में ये सर्वे आज यानी शुक्रवार से शुरु हुआ है। यानी आज जुमा की नमाज के लिए मुस्लिम समाज को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज पढ़ने की अनुमति रहेगी। इस दौरान सर्वे कार्य को रोक दिया जाएगा। दोपहर 3 बजे नमाज के बाद दौबारा से सर्वे कार्य शुरु किया जाएगा।
इन बिंदुओं पर हो रहा सर्वे

-भोजशाला के पूरे परिसर का सर्वे और उत्खनन वैज्ञानिक पद्धति से होगा।
-उत्खनन और सर्वे जीपीएस और जीपीआर तकनीक के साथ कार्बन डेटिंग तथा अन्य नई तकनीक का इस्तेमाल होगा।
-भोजशाला परिसर की बाउंड्रीवाल से 50 मीटर की दूरी तक सर्वे किया जाना है।
-एएसआई की पांच सदस्यों की टीम ये सर्वे कर रही है।
-सर्वे के दौरान दोनों पक्षों को मौजूद रहने के आदेश दिए गए थे।
-उत्खनन और सर्वे की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
-परिसर के सभी बंद पड़े कमरों को भी खोला जाएगा।

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