ए.आई.एस. एफ ने की निजी स्कूलों की मनमानी व जबरन फीस वसूली पर रोक लगाने की मांग

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

8-सितंबर,2020

बिलासपुर-(सवितर्क न्यूज़) शहर के स्कूलों द्वारा हाई कोर्ट के निर्देश व शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन कर पालकों से जबरन फीस वसूली व मनमानी पर रोक लगाने के लिए ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन ने डिप्टी कलेक्टर अजीत पुजारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर की अनुपस्थिति में डिप्टी कलेक्टर अजीत पुजारी से मिलकर स्कूलों द्वारा शासन व उच्च नयायालय के निर्देशों का उल्लंघन कर अभिभावकों पर दबाब बनाने, फीस वसूलने की जानकारी दी। कोरोनो महामारी कारण तालाबंदी (लॉकडाउन) के लगभग 5 माह के दौरान बिलासपुर सहित देश की अर्थव्यवस्था पर चरमरा गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 13 करोड़ नागरिक इसी अवधि में बेरोजगार हो चुके हैं, नतीजन अभिभवकों पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ा है तथा अभिभावकगण स्कूल फीस चुकाने में असमर्थ हैं। इस गंभीर विषय पर माननीय उच्च न्यायालय छ. ग. का निर्णय भी आ चुका है जिसके अनुसार निजी स्कूलों संचालकों को मात्र शिक्षण शुल्क (ट्यूशन फीस) लेने का अधिकार दिया गया है, किन्तु जिलों के अधिकांश प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा उक्त निर्णय और उपभोक्ताओं की दुर्दशा की अनदेखी कर दबाबपुर्वक एडमिशन व अन्य फीस की वसूली की जा रही है। ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन ने इसका विरोध कर मांग की है कि एडमिशन व अन्य फीस की जबरन वसूली पर तत्काल रोक लगाकर प्राइवेट स्कूल संचालकों को नाममात्र की ट्यूशन फीस लेने का आदेश जारी किया जाए, जिन स्कूल संचालकों द्वारा अभिभावकों से एडमिशन व अन्य फीस जमा करा ली है उसे ट्यूशन फीस में समायोजित करने आदेश किया जारी किया जावे, जो अभिभावक ट्यूशन फीस भी देने में असमर्थ है उनकी ट्यूशन फीस भी माफ की जावे अथवा शासन द्वारा दी जावे, ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल किसी भी छात्र का स्कूल द्वारा नाम ना काटा जाये।
इस विषय में उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन द्वारा विगत दिनों समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर अभिभावकों से 9 सितंबर तक फीस जमा करने अन्यथा उनके बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं की पढ़ाई से वंचित करने की खुलेआम चेतावनी दी जा गई है। यह प्रशासन के भी संज्ञान में है किंतु प्रशासन द्वारा इस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
डिप्टी कलेक्टर श्री पुजारी ने प्रतिनिधि मंडल से हुई चर्चा में तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया व किसी भी बच्चे को ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित नहीं होने देने का भरोसा भी दिया।
प्रतिनिधि मंडल में संगठन के सचिव धीरज शर्मा, शेख आदिल, सूर्यकांत निर्मलकर, जीशान खोकर, अनुराग, अशोक कुमार आदि लोग शामिल थे।

Share This Article