खूंखार है Battalion no.1 कमांडर देवा, सुकमा में सुरक्षाबलों पर नक्सली हमले को किया था लीड..!

राजेन्द्र देवांगन
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खूंखार है Battalion no.1 कमांडर देवा, सुकमा में सुरक्षाबलों पर नक्सली हमले को किया था लीड..!

नक्सली देवा को हाल ही में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में अपराधियों की सबसे मजबूत सैन्य इकाई ‘बटालियन नंबर 1’ का कमांडर बनाया गया था. संभवतः देवा ही नक्सलियों के उस ग्रुप का नेतृत्व कर रहा था जिसने मंगलवार को सुकमा जिले में सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया था. पुलिस ने यह जानकारी दी है. टेकलगुडेम गांव के पास नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में सीआरपीएफ के तीन जवान मारे गए थे. इनमें सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स की जंगल में युद्ध लड़ने के लिए प्रशिक्षित बटालियन CoBRA के दो जवान भी शामिल थे. हमले में पंद्रह अन्य सीआरपीएफ जवान घायल हो गए.

इस सवाल पर कि क्या मंगलवार के हमले के दौरान माओवादी नेता हिडमा मौजूद था, पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी ने कहा कि यह संभव नहीं लगता है. उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘हिडमा की मौजूदगी की संभावना कम है, लेकिन देवा संभवत: वहां मौजूद था’. आईजी सुंदरराज ने बताया कि देवा को हाल ही में हिडमा की जगह नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 का कमांडर बनाया गया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, तथाकथित पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA)) बटालियन नं. 1 ने अतीत में दक्षिण बस्तर में कई घातक हमलों में भूमिका निभाई है. 

हालिया मुठभेड़ों के बाद बरामद माओवादी दस्तावेजों से पता चला है कि हिडमा को प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति में पदोन्नत किया गया था और देवा उर्फ ​​बरसे सुक्का, जो दरभा डिवीजन कमेटी का सचिव था, उसको बटालियन नंबर 1 का कमांडर बनाया गया था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि हिडमा और देवा दोनों सुकमा-बीजापुर सीमा पर स्थित एक ही गांव पुवर्ती के रहने वाले हैं. पुवराती टेकलगुडेम से लगभग 6-7 किमी दूर है जहां मंगलवार को मुठभेड़ हुई थी. सुरक्षा बलों ने माओवादियों के गढ़ तेकालगुडेम में एक नया कैंप स्थापित किया है. आईजी सुंदरराज ने कहा, पिछले दो महीनों में सुकमा और बीजापुर जिलों में माओवादियों के मुख्य इलाकों में सुरक्षाकर्मियों के 12 नए कैंप (प्रत्येक जिले में छह कैंप) स्थापित किए गए हैं. 

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