Bastar Sukma : हौसले हो बुलंद, तो कठिनाइयों में भी रास्ते बन जाते है…मलेरिया मुक्त सुकमा बनाने का अभियान पहुंचा सिलगेर…!

राजेन्द्र देवांगन
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ब्यूरो रिपोर्ट ज्ञानवती भदोरिया

Bastar Sukma : हौसले हो बुलंद, तो कठिनाइयों में भी रास्ते बन जाते है…मलेरिया मुक्त सुकमा बनाने का अभियान पहुंचा सिलगेर…!

मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के सातवें चरण की शुरुआत 01 दिसंबर से जिले में हो चुकी है। जिसमे स्वास्थ्य विभाग द्वारा 782 दल के सदस्य जिले भर में लगभग 2.6 लाख से अधिक की जनसंख्या का मलेरिया जांच करेंगे। मलेरिया पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें त्वरित इलाज भी मुहैया कार्य जायेगी। अभियान के दौरान किट टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए मरीजों की लगातार मॉनिटरिंग होगी और उन्हें पुनः जांचा जायेगा।
ग्राम सिलगेर में भी मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों की मलेरिया जांच की। सिलगेर वहीं गांव है, जहां के ग्रामीणों ने कुछ समय पूर्व ही स्वास्थ्य सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग प्रशासन के समक्ष रखी थी। शासन प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की मांगों को संज्ञान में लेते हुए, सिलगेर में उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करवाया गया है, जिसका संचालन भी शीघ्र ही प्रारंभ हो जायेगा।
मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की शुरुआत के प्रथम दिवस ही सीएमएचओ डॉ महेश शांडिल्य ने स्वास्थ्य दल के साथ सिलगेर पहुंच कर ग्रामीणों की मलेरिया जांच की। उन्होंने बताया की पहुंच विहीन क्षेत्र होने के कारण सिलगेर पहुंचे में बाधाएं तो रही, लेकिन जिलेवासियों तक स्वास्थ्य सुविधाओं सुनिश्चित करने के लिया प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग संकल्पित है। ग्रामीणों ने भी मलेरिया जांच करवाने में हमारा पूरा सहयोग किया।

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