जवानों के ट्रेनिंग सेंटर में भालू, तेंदुआ, लकड़बग्घा घुम रहे :जंगल वॉरफेयर कॉलेज में खूंखार जानवर पहुंच रहे, दहशत में ट्रेनी जवान

राजेन्द्र देवांगन
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ब्यूरो रिपोर्ट प्रमिला नेताम

जवानों के ट्रेनिंग सेंटर में भालू, तेंदुआ, लकड़बग्घा घुम रहे :जंगल वॉरफेयर कॉलेज में खूंखार जानवर पहुंच रहे, दहशत में ट्रेनी जवान

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्थित जंगल वॉरफेयर कॉलेज में इन दिनों जंगली जानवरों का खतरा बढ़ गया है। जंगल के बीच स्थित इस ट्रेनिंग सेंटर में भालू, तेंदुआ और लकड़बग्घा की जबरदस्त दहशत है। बताया जा रहा है कि, ये सभी खूंखार जानवर कैंपस के अंदर घुस रहे हैं। जवानों ने जानवरों के फोटो-वीडियो भी अपने कैमरे में कैद किए हैं।

लकड़बग्घा की भी तस्वीर ली गई है।


दरअसल, साल 2005 में इस ट्रेनिंग सेंटर की शुरुआत हुई थी। इस ट्रेनिंग सेंटर में जवानों को नक्सल ऑपरेशन के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। यह जंगल वॉरफेयर कांकेर के घने पहाड़ी-जंगल वाले इलाके में स्थित है। यहां गुरिल्ला कमांडोज की दी जाने वाली ट्रेनिंग सबसे मुश्किल ट्रेनिंग मानी जाती है। इस कैंपस में प्रशिक्षण ले रहे जवानों के सिर पर जंगली जानवरों के आतंक का खतरा मंडरा रहा है। एक दिन पहले दिनदहाड़े यहां कुछ भालू और लकड़बग्घा घुस गए थे। जिन्होंने सामान को भी नुकसान पहुंचाया था।

कुछ दिन पहले तेंदुए को भी देखा गया था।

कांकेर जिले में जंगली जानवरों का आतंक लगातार जारी है। जंगल से निकल कर रिहायशी इलाकों में लगातार भालू और तेंदुए घुस रहे हैं। कई लोगों को अपना शिकार भी बना चुके हैं। कुछ दिन पहले ही भलुओं ने एक 9 साल के बच्चे को अपना शिकार बना लिया था। बच्चे की आंख और चेहरा नोंच खाए थे। तेंदुए ने भी कई ग्रामीणों का शिकार किया है। ऐसे में कांकेर जिले के रहवासियों को हमेशा जंगली जानवरों का डर सताता रहता है।

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