नक्सलगढ़ में सड़क निर्माण की खुशी,,,क्षेत्रीय बोली में पारंपरिक गीत गाया और नाचने लगे ग्रामीण ,,, बोले,अस्पताल, राशन दुकान सब चाहिए

राजेन्द्र देवांगन
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नक्सलगढ़ में सड़क निर्माण की खुशी,,,क्षेत्रीय बोली में पारंपरिक गीत गाया और नाचने लगे ग्रामीण ,,, बोले- अस्पताल, राशन दुकान सब चाहिए

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के संवेदनशील गांवों में विकास और विश्वास को दर्शाता सड़क निर्माण काम में सुरक्षा देने पहुंचे जवानों का ग्रामीणों ने स्वागत किया। क्षेत्रीय बोली में पारंपरिक गीत गाया और नाचने लगे। वहीं ग्रामीणों के इस स्वागत-सत्कार को देखते हुए जवानों ने भी ग्रामीणों को सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया। कुछ माह पहले तक इसी गांव में जब जवान पहुंचते थे तो ग्रामीण उन्हें देख भाग जाया करते थे लेकिन, अब तस्वीर बदल रही है। सुकमा जिले के बंडा गांव का है। यह गांव पूरी तरह से नक्सलियों का गढ़ रहा है। अब गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क का निर्माण करवाया जा रहा है। शनिवार को जवान रोज की तरह यहां सुरक्षा देने के लिए पहुंचे थे। इसी बीच इलाके की ग्रामीण महिलाएं और बच्चे भी पहुंच गए। जिन्होंने पहले जवानों को रुकवाया फिर सभी का स्वागत किया। महिलाओं ने कहा कि, सड़क बन रही है हम बेहद खुश हैं। हमें सड़क, अस्पताल, राशन दुकान सब चाहिए।इतना कहते हुए सभी क्षेत्रीय बोली में स्वागत गीत गाते हुए नाचने लगे। इधर, जवानों ने भी महिलाओं का सम्मान किया और उन्हें इलाके में सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया। यह इस गांव की बदलती हुई तस्वीर है। क्योंकि, इस गांव के ग्रामीण जब खाकी वर्दी देखते थे तो डर की वजह से भाग जाया करते थे। लेकिन, पिछले कुछ महीनों में सुरक्षाकर्मियों ने गांव के ग्रामीणों तक मदद पहुंचाई। बीमार ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचाया। सिविक एक्शन कार्यक्रम में सामना बांटे और भरोसा जीता है।

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