नक्सलियों की घाटी में अब जवानों का डेरा:3 जिलों की सरहद पर खोला गया पुलिस कैंप

राजेन्द्र देवांगन
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नक्सलियों की घाटी में अब जवानों का डेरा:3 जिलों की सरहद पर खोला गया पुलिस कैंप

छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा पुलिस ने बैलाडीला की पहाड़ी के नीचे नया पुलिस कैंप स्थापित किया है। यह इलाका नक्सलियों का कोर इलाका है। घने जंगल और पहाड़ी रास्तों की वजह से बड़ी आसानी से नक्सली बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा इन तीन जिलों की सरहद पार करते थे। बताया जा रहा है कि, जिस जगह कैंप स्थापित किया गया है, वह इलाका नक्सलियों की घाटी के नाम से भी चर्चित है। ऐसे में अब नक्सलियों की इस घाटी में जवानों का डेरा रहेगा। कैंप में सैकड़ों जवान तैनात किए गए हैं।

दरअसल, दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला की पहाड़ी के नीचे बसे हिरोली गांव के नजदीक ही कैंप स्थापित किया गया है। हिरोली गांव पूरी तरह से नक्सल प्रभावित है। हाल ही के कुछ दिन पहले इसी गांव में आयोजित मेला में दिनदहाड़े माओवादियों ने सरपंच की हत्या कर दी थी। साथ ही गांव में विकास काम भी नहीं होने देते थे। अब इस गांव में पुलिस कैंप खुलने से विकास की राह आसान हो जाएगी। अफसरों की मानें तो धीरे-धीरे इस इलाके को कैप्चर किया जाएगा। पुलिस की पैठ बढ़ने से माओवादी बैकफुट पर जाएंगे।

दंतेवाड़ा के SP सिद्धार्थ तिवारी भी कैंप स्थापित करवाने पहुंचे।

ऐसे होता था नक्सलियों को फायदा
यह इलाका सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा इन तीन जिलों का सरहद है। बीच में बैलाडीला की पहाड़ी है। यदि बीजापुर में जवानों की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ होती थी, तो माओवादी भागकर इसी पहाड़ी रास्ते से दंतेवाड़ा के जंगल में छिप जाते थे। यदि दंतेवाड़ा में मुठभेड़ होती तो वे या तो सुकमा या तो बीजापुर की तरफ रुख कर लेते थे। ऐसे में अब बैलाडीला की पहाड़ी के नीचे ही कैंप स्थापित होने से बीजापुर और सुकमा इन दोनों जगहों से दंतेवाड़ा का रास्ता माओवादियों के लिए बंद हो गया है।

NMDC प्लांट से लूटे थे बारूद
साल 2006-07 के करीब माओवादियों ने बैलाडीला की पहाड़ी पर NMDC प्लांट से लगभग 100 किलो बारूद लूटा था। यह बारूद प्लांट के कर्मचारी पहाड़ की ब्लास्टिंग कर लोहा निकालने के लिए इस्तेमाल करते थे। इधर, लूट के बाद इसी बारूद का इस्तेमाल कर माओवादी जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए करते थे। जिस पहाड़ी से बारूद की लूट हुई थी उसी पहाड़ी के आस-पास ही कैंप स्थापित किया गया है।

नक्सलियों की मलांगिर एरिया कमेटी है सक्रिय

इस इलाके में नक्सलियों की मलांगिर एरिया कमेटी सक्रिय है। इस एरिया कमेटी में कई बड़े कैडर्स के हार्डकोर माओवादियों समेत सैकड़ों लाल लड़ाके भी मौजूद हैं। मलांगिर एरिया कमेटी नक्सलियों की सबसे मजबूत एरिया कमेटी में से एक है। हिरोली में कैंप खुलने से मलांगिर एरिया कमेटी की कमर टूटेगी।

अफसर बोले- पहुंचेगा विकास
दंतेवाड़ा के SP सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि, हिरोली गांव में कैंप खुलने से अब विकास पहुंचेगा, हम सुरक्षा देंगे। सिर्फ हिरोली में ही नहीं बल्कि आस-पास के गांवों में भी सड़कें बनेंगी, स्कूल, अस्पताल खोलने में आसानी होगी। सरकार की योजनाओं से दूर रहे ग्रामीणों को अब योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा।

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