नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सरकारी शराब दुकान में अवैध सप्लाई पर उठाया सवाल,,,, उच्च स्तरीय जांच की मांग

राजेन्द्र देवांगन
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नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सरकारी शराब दुकान में अवैध सप्लाई पर उठाया सवाल,,,, उच्च स्तरीय जांच की मांगमनोज शुक्ला:-रायपुर। धरमलाल कौशिक ने प्रदेश में अवैध शराब को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकारी शराब दुकानों में अवैध शराब की सप्लाई हो रही है. सिमगा के शराब दुकान में इसका पर्दाफाश हुआ है. कौशिक ने आरोप लगाया कि इसी तरह पूरे प्रदेशभर में शराब की अवैध सप्लाई जारी है. इसकी उच्च स्तरीय जांच हो.कौशिक ने कहा कि देशी मदिरा दुकान सिमगा में गाड़ी नंबर सीजी 10 टी 5202 में 400 पेटी शराब लेकर देशी मदिरा दुकान में उतारने लाया गया, लेकिन स्कैन नहीं हुआ. इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने कहा कि यह शराब अवैध है. गाड़ी की परमिट के बारे में पूछा गया, तो पता चला कि परमिट नहीं है. इसे लेकर सिमगा के स्थानीय लोगों ने घेराव किया. धरमलाल कौशिक ने कहा कि सहायक आबकारी निरीक्षक साधु आए. उन्होंने कार्रवाई की. अभिषेक दास, अभिजीत अवस्थी के नाम से पंचनामा बनाया गया. 90 पेटी खाली कराया जा चुका था. 310 पेटी शराब गाड़ी में रखा हुआ था. एसडीओपी, टीआई ने कार्रवाई की. गाड़ी की जब्ती बनाकर थाने में लाया गया. कांग्रेस सरकार की मिलीभगत से अवैध शराब की जब्ती को गाड़ी समेत गायब कर दिया गया. शराबबंदी का वादा करने के बाद भी बंद नहीं करने की यही वजह है कि अवैध कमाई का जरिया है. बड़ी जांच की जानी चाहिए. लीपापोती करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्ती से जांच होनी चाहिए. विधानसभा में यह मामला उठाएंगे.नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर खाद को लेकर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार के संरक्षण में खाद की कालाबाजारी हो रही है. सहकारी सोसायटियों से किसान लौट रहे हैं. सोसायटियों से ही किसानों को उचित दाम पर खाद मिलता है. सहकारी सोसाइटी खाली है, व्यापारियों के गोदाम भरे हैं. सरकार की प्राथमिकता में किसान नहीं है, बल्कि व्यापारी हैं. दुकानों में छापा पड़ने के बाद यह जानकारी सामने आ रही है कि तय आबंटन से ज्यादा मिल रहा है. आबंटन कहां से हुआ. ज्यादा रेट पर बेची जा रही है. बीजेपी शासन में कभी यूरिया, डीएवी का संकट नहीं था. सरकार किसानों के साथ छलावा कर रही है. किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है. इस मुद्दे को लेकर हम विधानसभा जाएंगे. सड़क की लड़ाई लड़ेंगे.धरमालाल कौशिक ने बग़ैर सीएम चेहरे के चुनाव में जाने के सवाल पर कहा कि जैसा प्रश्न आया था, वैसा स्वाभाविक जवाब है. इस पर उनका जोर नहीं था. अभी ढाई साल का समय है. यह पार्टी को मजबूत करने का है. कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक होने का है. कांग्रेस की नाकामियों को उजागर करने का है. हमारे प्रभारी इस लड़ाई के लिए अपना समय दे रहे हैं. सब मिलकर पार्टी को मजबूत करने जोर लगा रहे हैं. हमारे यहां हाईकमान है. चेहरा कौन होगा, यह कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी.

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