स्मृति वन मेंटेनेंस के अभाव में खंडहर में तब्दील, जिम्मेदार अधिकारी बेखबर

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर। राजकिशोर नगर स्थित स्मृति वन कभी शहर के प्रमुख और पुराने पिकनिक स्पॉट्स में शुमार रहा है। रेनोवेशन के बाद यहां बच्चों के खेलने के लिए स्थान, बैठने की बेंच, हरियाली सहित कई सुविधाएं विकसित की गई थीं। लेकिन उचित देखरेख और नियमित मेंटेनेंस के अभाव में अब इसकी स्थिति लगातार बदहाल होती जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, स्मृति वन के कई हिस्सों में साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। वहीं शौचालय में पानी की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। समय पर रखरखाव नहीं होने के कारण पार्क की सुविधाएं जर्जर होती जा रही हैं।

तीन कर्मचारियों के भरोसे चल रहा स्मृति वन
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े सार्वजनिक स्थल की देखरेख महज तीन कर्मचारियों के भरोसे है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि सीमित कर्मचारियों और नियमित निगरानी के अभाव में पार्क की साफ-सफाई और रखरखाव किस तरह सुनिश्चित किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री के लोकसभा क्षेत्र में भी अनदेखी का आरोप
स्मृति वन बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र में आता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के लोकसभा क्षेत्र में आने वाले इस सार्वजनिक स्थल की बदहाली की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं स्थानीय विधायक सुशांत शुक्ला से भी लोगों को इस दिशा में पहल की उम्मीद है।

कभी शहरवासियों के लिए आकर्षण और सुकून का प्रमुख केंद्र रहा स्मृति वन आज उपेक्षा का शिकार नजर आ रहा है। यदि समय रहते आवश्यक मरम्मत, साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था और नियमित मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में इसकी स्थिति और खराब हो सकती है।

सबसे बड़ा सवाल: जब स्मृति वन जैसे सार्वजनिक स्थल के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की है, तो इसकी लगातार बिगड़ती स्थिति पर आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब ध्यान देंगे? क्या शहरवासियों को फिर से एक बेहतर और सुविधायुक्त स्मृति वन मिल पाएगा?

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